मुख्य बिंदु-
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झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम में Kaizen और 5S कार्यशाला का आयोजन।
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मुख्य वक्ता: बीआईटी मेसरा के प्रोफेसर डॉ. कौशिक कुमार।
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उद्देश्य: छात्रों को Kaizen और 5S सिद्धांतों के बारे में समझाना।
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Kaizen: निरंतर सुधार की कार्यसंस्कृति।
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5S प्रणाली: छँटाई, सजावट, सफाई, मानकीकरण, अनुशासन।
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100+ छात्रों ने कार्यशाला में भाग लिया।
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डॉ. कौशिक कुमार को शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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उपस्थित सदस्य: श्री महेश कुमार गुप्ता, श्री मंगल टोप्पो, श्री कमलकांत, राहुल रंजन उरांव, मोतीलाल मेहता।
रांची: झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम में आज Kaizen और 5S कार्यशाला का आयोजन
झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम में आज Kaizen और 5S कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बीआईटी मेसरा के प्रोफेसर डॉ. कौशिक कुमार उपस्थित थे। कार्यशाला का स्वागत टूल रूम के प्राचार्य श्री महेश कुमार गुप्ता ने किया।

कार्यशाला का उद्देश्य:
कार्यशाला के दौरान प्राचार्य महेश कुमार गुप्ता ने अपने अभिभाषण में बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना था कि कैसे Kaizen (निरंतर सुधार) और 5S (सुनियोजित कार्य वातावरण) जैसे सिद्धांतों को अपनाकर किसी भी संगठन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

डॉ. कौशिक कुमार का संबोधन:
मुख्य वक्ता डॉ. कौशिक कुमार ने अपने संबोधन में Kaizen के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि Kaizen एक जापानी शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है “लगातार सुधार”। यह केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि एक कार्यसंस्कृति है, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी अपनी भूमिका के अनुसार छोटे-छोटे सुधार करके संगठन की प्रगति में योगदान करता है।
इसके बाद, डॉ. कुमार ने 5S प्रणाली की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने बताया कि 5S एक जापानी कार्यस्थल प्रबंधन प्रणाली है, जो कार्यक्षमता बढ़ाने और अनुशासित वातावरण बनाए रखने की दिशा में अत्यधिक प्रभावी है। 5S के पांच चरणों को उन्होंने इस प्रकार समझाया:
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Seiri (छँटाई) – ज़रूरी और गैर-ज़रूरी वस्तुओं की पहचान करके अनुपयोगी वस्तुओं को हटाना।
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Seiton (सजावट) – आवश्यक वस्तुओं को व्यवस्थित ढंग से रखना ताकि उन्हें आसानी से पाया जा सके।
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Seiso (साफ-सफाई) – कार्यस्थल की नियमित सफाई और निरीक्षण।
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Seiketsu (मानकीकरण) – उपरोक्त प्रक्रियाओं को मानक रूप में लागू करना।
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Shitsuke (अनुशासन) – कार्यस्थल पर इन आदतों को स्थायी रूप से अपनाने की संस्कृति विकसित करना।
डॉ. कुमार ने बताया कि यह प्रणाली केवल सफाई और सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों में जिम्मेदारी, आत्म-अनुशासन और दक्षता को बढ़ावा देती है। उन्होंने जोर दिया कि जब 5S को सही तरीके से लागू किया जाए, तो यह उत्पादन, गुणवत्ता और सुरक्षा के स्तर को उल्लेखनीय रूप से सुधार सकता है।
कार्यक्रम की सफलता:
कार्यशाला में 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और उन्होंने Kaizen और 5S के सिद्धांतों को समझा। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता डॉ. कौशिक कुमार को शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य सदस्य:
कार्यक्रम में टूल रूम के ट्रेनिंग इंचार्ज मंगल टोप्पो, फैकल्टी कमलकांत, राहुल रंजन उरांव और मोतीलाल मेहता भी उपस्थित थे।
