मेक इन इंडिया ने बदली तस्वीर: इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण 6 गुना, निर्यात 8 गुना बढ़ा – बाबूलाल मरांडी
रांची। झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान को भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत एक नए औद्योगिक युग की ओर बढ़ रहा है और यह अभियान भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा तय करने वाला आंदोलन साबित हो रहा है।
11 साल की उपलब्धियां
मरांडी ने अपने पोस्ट में बीते 11 वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं। उनके अनुसार—
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इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण 6 गुना बढ़ा है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है।
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लगभग 25 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि ये आँकड़े मोदी सरकार की नीति, परिश्रम और नेतृत्व का परिणाम हैं, जिसने भारत को “आयातक” से “निर्माता” बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया है।
मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास निर्माण में आत्मनिर्भरता
मरांडी ने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक मोबाइल फोन का टेम्पर्ड ग्लास, जो हर स्मार्टफोन में अनिवार्य है, विदेशों से आयात करना पड़ता था। भारत में इसका उद्योग अस्तित्व में ही नहीं था। लेकिन अब भारत में अत्याधुनिक तकनीक से मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कॉर्निंग जैसी अंतरराष्ट्रीय तकनीक अब भारत की फैक्ट्रियों में इस्तेमाल की जा रही है। साथ ही लैपटॉप, सर्वर, राउटर और मोबाइल हार्डवेयर कम्पोनेंट का निर्माण भी यहीं हो रहा है।
रोजगार और वैश्विक छवि पर असर
मरांडी ने दावा किया कि इस बदलाव से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी, भारत की तकनीकी ताक़त मजबूत होगी और वैश्विक स्तर पर देश की छवि और मज़बूत बनेगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा
मरांडी ने कहा, “आज जब हम कहते हैं कि भारत 21वीं सदी में वैश्विक शक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है, तो उसकी बुनियाद कारखानों में, निवेश में और भारतीय हाथों के हुनर में ही बन रही है। यह उपलब्धि उन युवाओं, परिवारों और नागरिकों की भी है जिन्होंने आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा और मेक इन इंडिया पर भरोसा जताया।”
उन्होंने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अभियान अभी शुरुआत है और आने वाले समय में और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
