अलोक दूबे का बाबूलाल मरांडी पर करारा हमला: “झूठ और डर फैलाना बंद कीजिए”
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव अलोक कुमार दूबे ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा लगातार झूठ, डर और भ्रम फैलाकर जनता को भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वही नेता, जो लोगों से “सवाल पूछो” कहने की बात करते थे, आज खुद अपने शासनकाल और अपने चुनावी वादों पर एक भी सवाल का जवाब नहीं देना चाहते।
“हर दिन नया भाषण, नई स्क्रिप्ट, पर वादों का कोई हिसाब नहीं” – अलोक दूबे
अलोक दूबे ने कहा कि बाबूलाल मरांडी हर दिन नए आरोपों और नए हमलों के साथ आते हैं, लेकिन जनता को यह कभी नहीं बताते कि उनके खुद के वादे कहाँ गए। कांग्रेस नेता ने तीखे शब्दों में पूछा—
“25 लाख नौकरी आखिर किसे मिली? सालाना JPSC–JSSC परीक्षा क्यों नहीं हुई? हर घर से एक नौकरी का वादा कहाँ डूब गया? जो सवाल जनता से पूछते हैं, वे खुद इन मुद्दों पर चुप क्यों हैं?”
“भाजपा की रणनीति साफ—गुस्सा फैलाओ, सरकार को बदनाम करो, फिर वोट मांगो”
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीति अब केवल नफरत, गुस्सा और भ्रम फैलाने पर आधारित है। उन्होंने कहा—
“भाई-बहन और युवाओं के नाम भावनात्मक संदेश जारी कर भाजपा फिर से झूठ की राजनीति पर उतर आई है। लेकिन झारखंड की जनता अब इनके नाटक से ऊब चुकी है।”
आज सोना बढ़ा, चांदी सस्ती हुई; कल कीमतों में गिरावट के संकेत.
“पहले अपने पांच साल का हिसाब दीजिए” — कांग्रेस का सीधा सवाल
अलोक दूबे ने कहा कि बाबूलाल मरांडी राज्य की चिंता जताते हैं, पर अपने पिछले कार्यकाल का हिसाब देने से बचते हैं।
उन्होंने कहा—
“जनता को मत सिखाइये कि सवाल कैसे पूछना है। जनता बहुत समझदार है, तभी तो बार-बार भाजपा को नकारती आई है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री के 2 करोड़ नौकरी प्रति वर्ष वाले वादे पर भी भाजपा से जवाब देने को कहा।
“सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम पर भाजपा की आपत्ति पर भी जवाब
कांग्रेस नेता ने कहा कि “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम आम जनता की समस्याएँ सुनने और हल करने का एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा—
“आपके शासनकाल में तो जनता के पास जाने का भी समय नहीं था। आज जब सरकार सीधे गाँवों में जा रही है, तब भाजपा को पेट दर्द हो रहा है।”
अलोक दूबे ने बाबूलाल मरांडी से पूछे 4 सीधे सवाल
कांग्रेस नेता ने बाबूलाल मरांडी से चार कड़े सवाल पूछे—
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आपके शासनकाल में पलायन, गरीबी और बेरोजगारी क्यों चरम पर थी?
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आपने कितने स्कूल खोले और कितनी भर्तियाँ कीं?
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स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी क्यों थी कि मंत्री तक बाहर इलाज कराने को मजबूर थे?
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अपने चुनावी वादों में से एक भी क्यों पूरा नहीं किया?
“जन गुमराह नहीं होगी, भाजपा की मुहिम बेनकाब है”
अंत में अलोक दूबे ने कहा—
“बाबूलाल जी को सोशल मीडिया पर उपदेश देने के बजाय अदालत और जनता के सामने अपने वादों का जवाब देना चाहिए। झारखंड की जनता अब गुमराह होने वाली नहीं है और भाजपा की झूठी मुहिम को अच्छी तरह पहचान चुकी है।”
