JMM का तीखा वार: ‘मंईयां सम्मान’ पर बोलने वालों को पहले अपनी हार देखनी चाहिए

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JMM ने BJP नेता बाबूलाल मरांडी पर साधा निशाना, ‘मईया सम्मान’ और सरकारी योजनाओं पर दिया करारा जवाब

रांची।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने एक बार फिर भाजपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर कड़ा हमला बोला है। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर/X हैंडल से जारी बयान में सरकार की योजनाओं, विशेष रूप से ‘मईया सम्मान’ योजना को लेकर विपक्ष की आलोचना का तीखा जवाब दिया गया है।

JMM ने कहा कि राज्य में सरकार बनते ही हर महीने बिना किसी रुकावट के मंईयां सम्मान की राशि “झारखंड की हर बहन के खाते में” भेजी जा रही है। साथ ही ‘सरकार आपके द्वार’ अभियान के जरिए लोगों की समस्याओं को उनके घर के पास ही हल किया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ज़मीन पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष इससे परेशान है।

सरकारी कामकाज से विपक्ष ‘बेचैन’, JMM का आरोप

JMM के अनुसार, बाबूलाल मरांडी राज्य की विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यों से “असहज” महसूस कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि जनता को मिले लाभ से जहां राज्यभर में खुशी है, वहीं विपक्ष के नेताओं के लिए यह “सफलता हज़म करना मुश्किल” साबित हो रहा है।

पार्टी ने पोस्ट में यह भी लिखा कि भाजपा नेतृत्व अब “जनता के हित देखकर बेचैन हो रहा है” और विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय केवल “आलोचना और भ्रम फैलाने” में जुटा है।

JMM ने गिनवाई बाबूलाल मरांडी की ‘राजनीतिक असफलताएँ’

अपने ट्वीट में JMM ने बाबूलाल मरांडी के पिछले एक साल की राजनीतिक उपलब्धियों पर भी तंज कसा। पार्टी ने लिखा कि भाजपा को 24 सीटों से घटाकर 21 सीटों पर लाने का श्रेय भी मरांडी को जाता है।

इसके साथ ही घाटशिला उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार की बड़े अंतर से हुई हार को लेकर भी JMM ने निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि जहां पिछली बार भाजपा 22 हजार वोटों से हारी थी, वहीं इस बार हार बढ़कर 39 हजार वोटों तक पहुँच गई—जिसे उन्होंने “इतिहास में दर्ज होने लायक पराजय” बताया।

‘रावण जैसा घमंड’—JMM का तीखा प्रहार

JMM ने अपने बयान में मरांडी के घमंड को भी कटघरे में खड़ा किया। पार्टी ने कहा कि लगातार पराजय और जनता का घटता समर्थन देखने के बाद भी मरांडी अपने व्यवहार में बदलाव नहीं ला पा रहे।
JMM के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता भी नेतृत्व की उपेक्षा से नाराज़ हैं, क्योंकि “समर्पित कार्यकर्ता दर–दर भटकते रहते हैं, लेकिन नेतृत्व के दरवाज़े पर उनकी कोई पूछ नहीं है।”

बिहारी बहनों के बकाया पर पूछा सवाल

JMM ने पोस्ट में बिहार और झारखंड के विभाजन काल से जुड़े एक पुराने मुद्दे को भी उठाया। पार्टी ने पूछा कि बाबूलाल मरांडी यह स्पष्ट करें कि “हर बिहारी बहन का ₹1,90,000 बकाया” कब दिया जाएगा।

JMM ने आरोप लगाया कि मरांडी इस मुद्दे पर लगातार जवाब देने से बचते आए हैं और अब “नए बहाने” बनाए जा रहे हैं।

राजनीतिक तापमान चढ़ा, दोनों पक्षों की निगाह जनभावना पर

JMM की यह पोस्ट झारखंड की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट ले आई है। जहां JMM सरकारी कामों का श्रेय ले रही है, वहीं भाजपा लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और वादाखिलाफी के आरोप लगाती रही है।
दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक बयानबाज़ी आने वाले सप्ताहों में और तेज़ हो सकती है, क्योंकि कई प्रमुख राजनीतिक घटनाएं और कार्यक्रम राज्य में प्रस्तावित हैं।

 

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