झारखंड के व्यंजन और वनोपज को मिलेगी वैश्विक पहचान.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर राष्ट्रीय ख़बर

झारखंड का प्राकृतिक सौंदर्य और व्यंजन बनेगा देश की पहचान

मुख्य बिंदु:

वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में झारखंड मंडप का उद्घाटन

उद्योग मंत्री ने उद्यमियों से जुड़ने की अपील की

मडुआ, उड़द दाल और स्थानीय व्यंजन स्वास्थ्यवर्धक व स्वादिष्ट

तसर और वनोपज को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर

नकली और मिलावटी उत्पादों पर चिंता व्यक्त

—————————

वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में झारखंड की भागीदारी

नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुए वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 एक्सपो में झारखंड उद्योग विभाग का मंडप आकर्षण का केंद्र बना। राज्य के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने मंडप का उद्घाटन करते हुए कहा कि झारखंड का प्राकृतिक सौंदर्य और व्यंजन देश-दुनिया में पहचान बना सकते हैं। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे इस मिशन में जुड़ें और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा दें।

झारखंड के पारंपरिक व्यंजन और उनकी खासियत

मंत्री ने बताया कि झारखंड के कई खाद्य पदार्थ अपने स्वाद और पौष्टिकता के लिए मशहूर हैं।

मडुआ: इसकी रोटी और अन्य व्यंजन आज वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो रहे हैं।

उड़द दाल: इसके बने व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं।

स्थानीय व्यंजन: पारंपरिक पकवानों में स्वाद और स्वास्थ्य का अनोखा मेल है।

वनोपज और तसर की विश्व पहचान

झारखंड न केवल खाद्य पदार्थों बल्कि अपने वनोपज और तसर के लिए भी जाना जाता है। तसर की खास पहचान विश्व स्तर पर है। मंत्री ने कहा कि यह समय है जब हम अपने प्राकृतिक और मौलिक उत्पादों को बढ़ावा दें ताकि देश और दुनिया तक उनकी विशेषता पहुंच सके।

नकली उत्पादों पर चिंता

संजय प्रसाद यादव ने मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के बढ़ते चलन को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और मौलिक उत्पादों को प्रोत्साहन देकर ही इस चुनौती से निपटा जा सकता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उत्पादन और खपत को बढ़ाना बेहद जरूरी है।

झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि “स्वादिष्ट भोजन, स्वस्थ शरीर” का संदेश देश-दुनिया तक पहुंचे। इसके लिए स्थानीय व्यंजन और प्राकृतिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *