झारखंडी छात्रों से फिर आंदोलन की अपील, आजसू बोले – फिर से चाहिए संघर्ष.

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🔹 मुख्य बिंदु

  • 22 जून को रांची में आजसू पार्टी मनाएगी बलिदान दिवस

  • झारखंड के नवनिर्माण के लिए युवाओं से जुटने का आह्वान

  • सरकार पर युवाओं से वादाखिलाफी का आरोप

  • आजसू छात्र संघ ने तैयारियों को लेकर की महत्वपूर्ण बैठक



🔶 बलिदान दिवस के माध्यम से झारखंड निर्माण के लिए हुंकार

रांचीआजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने ऐलान किया है कि 22 जून को रांची में आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम झारखंड के नवनिर्माण और जनसंघर्ष की नई शुरुआत का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य की स्थापना में युवाओं और छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और अब एक बार फिर उन्हें आगे आकर राज्य के हितों के लिए आवाज़ उठानी होगी।

🔶 छात्र संघ की बैठक में तैयारियों पर हुआ मंथन

रांची स्थित आजसू पार्टी केंद्रीय कार्यालय में आजसू छात्र संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बलिदान दिवस को ऐतिहासिक बनाने के लिए विभिन्न तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने की जबकि संचालन कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने किया।

ओम वर्मा ने कहा कि 22 जून का आयोजन राज्य के युवाओं की एकजुटता का प्रतीक बनेगा और इसे सफल बनाने के लिए छात्र संघ के सभी कार्यकर्ता जी-जान से जुट गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यभर से छात्र-कार्यकर्ता रांची पहुंचेंगे।

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🔶 युवाओं से वादाखिलाफी कर रही हेमंत सरकार: बबलू महतो

बैठक के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार ने चुनाव से पहले युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ते का जो वादा किया था, वह अब सिर्फ कागजों में रह गया है। राज्य में न तो रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं और न ही शैक्षणिक व्यवस्था में कोई सुधार किया जा रहा है।

बबलू ने कहा कि सरकार की नीतियों से युवा हताश हैं और अब उन्हें संगठित होकर जवाब देना होगा।

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🔶 बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में राजकिशोर महतो, रोशन नायक, राजेश सिंह, रवि रोशन, प्रशांत महतो, नितेश कुमार, शिवम कुमार, अभिषेक कुमार, अंगद, बिट्टू, प्रियांशु, पीयूष कुमार, चेतन प्रकाश, अजीत कुमार समेत कई सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने बलिदान दिवस की सफलता सुनिश्चित करने के लिए रणनीति पर विचार किया।

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