झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026: 48 निकायों में मतदान जारी, 43 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
झारखंड में नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत आज राज्यभर में मतदान जारी है। कुल 48 नगर निकाय क्षेत्रों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव को लेकर व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं, ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।
43 लाख से अधिक मतदाता तय करेंगे शहरों की सरकार
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस चुनाव में कुल 43,33,574 मतदाता शामिल हैं। इनमें 22,07,203 पुरुष मतदाता, 21,26,227 महिला मतदाता और 144 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं की भागीदारी को लेकर प्रशासन विशेष रूप से उत्साहित है।
मतदान के लिए राज्यभर में कुल 4304 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 1087 वार्डों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
मेयर और पार्षद के लिए अलग-अलग बैलेट पेपर
यह चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराया जा रहा है। मतदाता मेयर और पार्षद पद के लिए अलग-अलग मतदान करेंगे। मेयर पद के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर और पार्षद पद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर उपयोग में लाया जा रहा है।
हालांकि इस बार चुनाव में NOTA (None of the Above) का विकल्प उपलब्ध नहीं है, जिसे लेकर कुछ मतदाताओं के बीच चर्चा भी है।
48 निकायों में चुनाव, कई जगह वर्षों से लंबित
राज्य में कुल 48 नगर निकाय हैं, जिनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। इनमें से 13 निकाय ऐसे हैं, जहां वर्ष 2020 से चुनाव लंबित थे। वहीं राजधानी रांची समेत कई अन्य नगर निगमों में वर्ष 2022 से चुनाव नहीं हो पाया था।
लंबे समय से लंबित इन चुनावों को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव शहरी विकास, आधारभूत संरचना और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धारा 25 के तहत घोषित अवकाश
मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने अवकाश परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 25 के तहत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसका उद्देश्य यह है कि लोग बिना किसी दबाव या बाधा के मतदान कर सकें।
27 फरवरी को होगी मतगणना
मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 27 फरवरी को वोटों की गिनती की जाएगी। मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य के विभिन्न नगर निकायों की कमान किसके हाथ में जाएगी।
झारखंड की शहरी राजनीति के लिहाज से यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे आने वाले वर्षों में शहरों के विकास की दिशा तय होगी।
