झारखंड बिजलीकर्मी आंदोलन

झारखंड बिजलीकर्मियों का ऐलान – सुरक्षा नहीं तो राज्यव्यापी आंदोलन.

झारखंड/बिहार

नामकुम ग्रिड में लूट और कर्मियों को बंधक बनाए जाने पर झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ का फूटा आक्रोश

मुख्य बिंदु:

  • नामकुम ग्रिड में 16 लाख की लूट, बिजलीकर्मी और होमगार्ड बंधक

  • झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

  • मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी

  • मुख्यमंत्री और CMD को भेजा गया ईमेल ज्ञापन



राजधानी में हुई घटना से पूरे राज्य के विद्युतकर्मी डरे-सहमे

रांची, 16 जुलाई 2025नामकुम ग्रिड स्टेशन में बीती रात हुई लूट और बंधक की वारदात ने झारखंड के ऊर्जा कर्मियों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। हथियारबंद अपराधियों ने ग्रिड परिसर में प्रवेश कर करीब ढाई घंटे तक बिजलीकर्मियों और एक होमगार्ड को बंधक बनाकर 16 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया।

इस घटना ने न केवल राज्य की कानून व्यवस्था, बल्कि ऊर्जा विभाग की सुरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।

अजय राय बोले – “यह ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर सीधा हमला”

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना को राज्य की ऊर्जा व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि –

“जब राजधानी जैसी जगह सुरक्षित नहीं है, तो दूरदराज और नक्सल-प्रभावित इलाकों में तैनात कर्मियों की स्थिति कैसी होगी?”

उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना किसी लापरवाही का नहीं, बल्कि सुरक्षा तंत्र की पूरी विफलता का परिणाम है।

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श्रमिक संघ ने उठाए तीखे सवाल

  • ग्रिड जैसी संवेदनशील जगह पर स्थायी सुरक्षा गार्ड क्यों नहीं थे?

  • सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन अलार्म सिस्टम क्यों नहीं लगाए गए?

  • 16 लाख जैसी बड़ी धनराशि की सुरक्षा का कोई इंतजाम क्यों नहीं था?

संघ की प्रमुख मांगें

  1. नामकुम ग्रिड लूटकांड की उच्चस्तरीय या विशेष न्यायिक जांच कराई जाए।

  2. सभी ग्रिड और पावर सब स्टेशन (PSS) में स्थायी सुरक्षा बलों की तैनाती हो।

  3. सीसीटीवी, सायरन और रियल-टाइम निगरानी सिस्टम हर ग्रिड पर अनिवार्य किया जाए।

  4. सभी बिजलीकर्मियों को सुरक्षा प्रशिक्षण और आपातकालीन सुरक्षा उपकरण प्रदान किए जाएं।

सरकार को संघ की चेतावनी – ठोस कदम नहीं तो आंदोलन

संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि सरकार इस घटना को शीर्ष प्राथमिकता नहीं देती और तत्काल सुरक्षा उपाय नहीं करती, तो संघ को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

ज्ञापन भेजा गया मुख्यमंत्री को

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (जो ऊर्जा मंत्री भी हैं) और CMD को ईमेल के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में पूरे राज्य के ऊर्जा कर्मियों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

अजय राय का तीखा बयान

“बिजलीकर्मी जान जोखिम में डाल कर राज्य को रोशन रखते हैं, लेकिन अगर सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेती, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अब चुप नहीं बैठा जाएगा।”

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