जलियांवाला बाग हत्याकांड: 13 अप्रैल 1919 का काला दिन।

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर

मुख्य बिंदु:

  1. जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919):

    • जनरल डायर द्वारा निहत्थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलीबारी।

    • 400 से अधिक शहीद, 2000 से ज्यादा घायल।

    • स्वतंत्रता संग्राम को गति मिली।

  2. खालसा पंथ की स्थापना (1699):

    • गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की नींव।

    • बैसाखी के दिन मनाया जाता है, सिखों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर।

  3. पेरिस शांति सम्मेलन का उद्घाटन (1919):

    • प्रथम विश्व युद्ध के बाद शांति बहाली के लिए महत्वपूर्ण सम्मेलन।

    • देशों के बीच युद्ध की स्थिति और शांति की प्रक्रिया पर चर्चा।

  4. इटली में फ़ासिस्ट पार्टी की स्थापना (1919):

    • बेनिटो मुसोलिनी द्वारा फ़ासिस्ट पार्टी का गठन।

    • इटली में तानाशाही शासन की शुरुआत।

  5. भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध (1947):

    • दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित।

  6. टाइगर वुड्स द्वारा यूएस मास्टर्स जीतने का रिकॉर्ड (1997):

    • 21 साल की उम्र में गोल्फ के खिलाड़ी टाइगर वुड्स ने सबसे कम उम्र में यूएस मास्टर्स चैंपियनशिप जीती।

  7. फ्रांस द्वारा परमाणु बम परीक्षण (1960):

    • फ्रांस ने सहारा मरूस्थल में परमाणु परीक्षण किया और चौथा देश बना जो परमाणु बम परीक्षण करता है।

  8. अमेरिका द्वारा मास्को ओलंपिक का बहिष्कार (1980):

    • सोवियत संघ के अफगानिस्तान आक्रमण के विरोध में अमेरिका ने ओलंपिक खेलों का बहिष्कार किया।

  9. शारजाह में एशिया कप में भारत की जीत (1984):

    • भारत ने पाकिस्तान को 58 रन से हराकर पहली बार एशिया कप जीता।

  10. प्रसिद्ध व्यक्तित्वों का जन्म और निधन:

  • जन्म: सतीश कौशिक, सुनील अरोड़ा, ऋतु करीधल।

  • निधन: बलराज साहनी, बाबू गुलाबराय, बी.पी. मंडल।



13 अप्रैल का इतिहास: जलियांवाला बाग हत्याकांड और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएँ

आज के दिन, 13 अप्रैल, का इतिहास भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा हुआ है। इस दिन को याद करते हुए हम जलियांवाला बाग हत्याकांड की भीषणता और देश की स्वतंत्रता के संघर्ष को सलाम करते हैं। इसके अलावा, इस दिन देश-दुनिया में अन्य भी कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं, जो इतिहास में दर्ज हैं।

जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919)

13 अप्रैल 1919, भारतीय इतिहास का काला दिन माना जाता है। ब्रिटिश शासन के तहत जनरल डायर द्वारा जलियांवाला बाग में किए गए अत्याचार ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। रॉलेट एक्ट के खिलाफ हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए और 2000 से अधिक घायल हुए।

यह घटना तब हुई जब हजारों लोग जलियांवाला बाग में एकत्र हुए थे और वहां न तो कोई हथियार था और न ही कोई प्रतिरोध। जनरल डायर ने अपनी सेना को बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाने का आदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान गई। इस घटना ने भारतीय जनता को ब्रिटिश शासन के खिलाफ और भी अधिक जागरूक किया और स्वतंत्रता संग्राम को और गति दी।

13 अप्रैल की अन्य प्रमुख घटनाएँ

  1. 1699 – खालसा पंथ की स्थापना:
    इसी दिन सिखों के दसवें गुरु, गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की। हर साल इस दिन को ‘बैसाखी’ के रूप में मनाया जाता है। बैसाखी सिखों के लिए एक पवित्र दिन है, जब गुरु गोविंद सिंह जी ने सिख धर्म के अनुयायियों को एकजुट करने के लिए खालसा पंथ की नींव रखी थी।

  2. 1919 – पेरिस शांति सम्मेलन का उद्घाटन:
    प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में पेरिस शांति सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। यह सम्मेलन प्रथम विश्व युद्ध के परिणामों और शांति की दिशा तय करने के लिए आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में विजेता देशों ने युद्ध के बाद की शांति प्रक्रिया पर चर्चा की।

  3. 1919 – इटली में फ़ासिस्ट पार्टी की स्थापना:
    बेनिटो मुसोलिनी द्वारा इटली में फ़ासिस्ट पार्टी की स्थापना इसी दिन हुई थी। यह पार्टी बाद में इटली में तानाशाही शासन के रूप में स्थापित हुई और मुसोलिनी ने एक कठोर शासन व्यवस्था लागू की।

  4. 1947 – भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध स्थापित:
    1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। यह दोनों देशों के बीच एक नया चरण था, जो विभाजन के बाद एक बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक चुनौती के रूप में उभरा।

  5. 1960 – फ्रांस ने परमाणु बम का परीक्षण किया:
    1960 में फ्रांस ने सहारा मरूस्थल में अपना पहला परमाणु बम परीक्षण किया। फ्रांस इस तरह का परीक्षण करने वाला चौथा देश बना, जिससे वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ आया।

  6. 1980 – अमेरिका ने मास्को ओलंपिक का बहिष्कार किया:
    1980 में अमेरिकी सरकार ने मास्को में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का बहिष्कार किया। यह बहिष्कार सोवियत संघ के अफगानिस्तान पर आक्रमण के खिलाफ था।

  7. 1997 – टाइगर वुड्स ने यूएस मास्टर्स चैंपियनशिप जीतने का रिकॉर्ड बनाया:
    गोल्फ के युवा खिलाड़ी टाइगर वुड्स ने 1997 में 21 साल की उम्र में यूएस मास्टर्स चैंपियनशिप जीतकर गोल्फ इतिहास में सबसे कम उम्र के चैंपियन बनने का रिकॉर्ड बनाया।

  8. 2001 – संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीन के प्रति सख्त रुख अपनाया:
    2001 में, विमान चालक के लौटने के बाद अमेरिका ने चीन के प्रति अपना रुख सख्त कर दिया था। यह घटना चीन और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंधों में एक बड़ी समस्या बन गई थी।

13 अप्रैल को जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व

  1. 1975 – ऋतु करीधल:
    भारतीय महिला वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता, जिन्होंने भारतीय विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

  2. 1956 – सुनील अरोड़ा:
    भारत के 23वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त, जिन्होंने भारतीय चुनाव प्रक्रिया को सशक्त किया और लोकतंत्र की नींव मजबूत की।

  3. 1956 – सतीश कौशिक:
    मशहूर अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, और पटकथा लेखक, जिन्होंने बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दीं।

  4. 1940 – नजमा हेपतुल्ला:
    प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ और लेखिका, जिन्होंने भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

13 अप्रैल को निधन हुए प्रमुख व्यक्तित्व

  1. 2021 – बलबीर सिंह जूनियर:
    भारतीय हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी, जिन्होंने देश को कई सम्मान दिलाए।

  2. 1973 – बलराज साहनी:
    हिन्दी फिल्म जगत के प्रसिद्ध अभिनेता, जिनकी अभिनय शैली आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।

  3. 1982 – बी.पी. मंडल:
    भारतीय राजनीतिज्ञ और बिहार के मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने सामाजिक न्याय के लिए कई कदम उठाए।

महत्वपूर्ण दिवस:

  1. जलियांवाला बाग हत्याकांड स्मृति दिवस:
    13 अप्रैल को हर साल जलियांवाला बाग हत्याकांड की याद में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक कड़ी याद है।

  2. खालसा पंथ स्थापना दिवस:
    यह दिन सिख धर्म के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जो आज भी सिखों के लिए गौरव का प्रतीक है।

निष्कर्ष:

13 अप्रैल भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है, जब जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसी घटनाएँ घटी थीं, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी। इसके अलावा, इस दिन कई अन्य ऐतिहासिक घटनाएँ भी हुईं, जिन्होंने वैश्विक राजनीति, खेल, और समाज में महत्वपूर्ण बदलाव किए। हमें इस दिन को केवल अतीत के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह हमें अपने संघर्षों और संघर्षों की मूल्यवत्ता को समझने की प्रेरणा देता है।

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