एग्जिट पोल के नतीजों से स्पष्ट है कि, देश में एक बार फिर से एनडीए सरकार की हैट्रिक लगने जा रही है। ज्यादातर एग्जिट पोल ने एनडीए को बहुमत से ज्यादा के आंकड़े दिए हैं। दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन बहुमत से काफी दूर नजर आ रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि, झारखंड की 14 सीटों में से जिन 11 सीटों पर भाजपा ने पिछले चुनाव में जीत दर्ज की थी। उनमें से कुछ सीटों पर उन्हे नुकसान हो सकता है। हालांकि, गिरिडीह से आजसू को जीत दिखाई गई है। ज्यादातर राष्ट्रीय चैनलों जिसमें खासतौर पर आजतक, न्यूज़24 और टाइमस नाउ नवभारत जैसे चैनल शामिल हैंं। इनके सर्वे में गिरिडीह आजसू के खाते में जाते हुए दिखाई दे रहा है।
ऐसे में क्या झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति को एग्जिट पोल से बड़ा झटका लगा है। क्या एग्जिट पोल के आंकड़े जय राम महतो के खिलाफ गए हैं। जो झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति गिरिडीह में जयराम महतो की जीत के लंबे चौड़े दावे कर रहा है। उसे एग्जिट पोल में हार दिखाई जा रही है।
इस सवाल के जवाब में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के केंद्रीय प्रवक्ता विजय कुमार सिंह कहते हैं कि, एग्जिट पोल पूर्ण रूप से सच साबित नहीं होते हैं। एग्जिट पोल करने के तौर तरीकों पर भी सवाल उठ चुके हैं। लिहाजा, हमें पूरा यकीन है कि, हम गिरिडीह लोक सभा सीट अच्छे मार्जिन से जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि, हमारे जो कार्यकर्ता ग्राउंड पर काम कर रहे थे उनसे हमें जो फीडबैक मिली है उससे स्पष्ट है कि हमारी जीत पक्की है।
पिछले दिनों आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा था कि, गिरिडीह में 2019 से भी बड़े मार्जिन से सीपी चौधरी चुनाव जीतेंगे। 2019 के चुनाव में करीब ढाई लाख की मार्जिन से सीपी चौधरी ने जीत दर्ज की थी। इस बार वह अंतर और बढ़ेगा। सुदेश महतो अपनी पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। अब एग्जिट पोल के आंकड़े भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
अगर जयराम महतो का पॉलिटिकल डेब्यू खराब रहता है तो क्या इससे उनके राजनीतिक करियर पर नुकसान होगा। क्या आगामी विधानसभा चुनाव में जेबीकेएसएस को उतनी सफलता नहीं मिलेगी जितनी की एक्सपेक्टेशन है। बहरहाल, 4 जून तक का इंतजार करना होगा लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़ों ने जयराम महतो को परेशान जरूर कर दिया है।
