भाजपा प्रवक्ता ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाया बड़ा आरोप, कहा—टेंडर की शर्तें झारखंड की स्थानीय कंपनियों को बाहर करने के लिए बदली गईं
मुख्य बिंदु
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भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का दावा — स्वास्थ्य विभाग में 50 करोड़ का टेंडर घोटाला
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ई-टेंडर संख्या 4374 (20 सितंबर 2025) में झारखंड की कंपनियों को बाहर करने की कोशिश
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ब्लैकलिस्टेड बिहार की कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप
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टेंडर की पात्रता में पाँच गुना वृद्धि, स्थानीय कंपनियाँ हुईं अयोग्य
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भाजपा इस मुद्दे को एसीबी और सरकार के समक्ष ले जाएगी
रांची, 8 अक्टूबर 2025।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड की हेमन्त सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार के दूसरे कार्यकाल (पार्ट-2) में भी भ्रष्टाचार और टेंडर घोटालों का सिलसिला जारी है। प्रतुल ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक टेंडर में लगभग 50 करोड़ रुपये का घोटाला किया जा रहा है।

प्रतुल शाहदेव ने बताया कि सिविल सर्जन सह सीएमओ रांची कार्यालय ने 20 सितंबर 2025 को ई-टेंडर संख्या 4374 जारी किया था, जिसमें नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति से संबंधित कार्य शामिल है। लेकिन इस टेंडर में ऐसी शर्तें डाली गई हैं जिनके कारण झारखंड की कोई स्थानीय कंपनी भाग नहीं ले सकेगी।
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उन्होंने कहा — “माननीय मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री आदिवासी-मूलवासी और झारखंडियत की बात करते हैं, लेकिन इस टेंडर के जरिये बिहार की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम देने की साजिश रची जा रही है।”
2022 की तुलना में 5 गुना बढ़ाई गई टेंडर पात्रता
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में भी इसी कार्यालय द्वारा एक समान टेंडर निकाला गया था, परंतु उस समय पात्रता मानक सामान्य थे। अब वही मानक पाँच गुना बढ़ा दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर:
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सिक्योरिटी मनी (EMD) – 4 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई।
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सिंगल वर्क ऑर्डर वैल्यू – 3 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ कर दी गई।
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ईसीआर कॉपी आवश्यकता – 300 से बढ़ाकर 1500 कर दी गई।
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औसत टर्नओवर शर्त – 5 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ की गई।
प्रतुल ने कहा कि इन संशोधनों का उद्देश्य साफ है — झारखंड की कंपनियाँ अयोग्य साबित हों और बिहार की एक विवादित कंपनी को टेंडर मिल सके।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को रास्ता देने का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिस कंपनी को यह टेंडर देने की कोशिश हो रही है, उसे झारखंड की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने पहले डिबार किया था। बावजूद इसके, टेंडर के ब्लैकलिस्टेड कॉलम में बस यह लिखा गया है कि ऐसी कंपनियाँ ‘एक अंडरटेकिंग दे सकती हैं’।
उन्होंने कहा — “यह पूरी व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि केवल वही ब्लैकलिस्टेड कंपनी टेंडर की पात्रता पूरी कर सके।”
भाजपा करेगी कार्रवाई
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले को जल्द ही सरकार और एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) के समक्ष रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस टेंडर में ऊपर से नीचे तक कमीशन की सांठगांठ है और यह झारखंड के स्थानीय व्यवसायों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा — “हेमन्त सरकार की नीति झारखंड की कंपनियों को हाशिये पर रखकर बाहर की कंपनियों को फायदा पहुँचाने की है। भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।”
