दुबई में युद्ध तनाव के बीच फंसे झारखंड के नवदंपति, सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से गुहार
मुख्य बिंदु
रांची के नवदंपति दुबई में उड़ानें रद्द होने के कारण फंसे
अमेरिका-इज़राइल-ईरान तनाव से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता
27 फरवरी को हनीमून के लिए गए थे, 4 मार्च को वापसी थी
परिवारों ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की
भारतीय दूतावास और केंद्र सरकार से समन्वय की अपील
शादी के बाद हनीमून बना चिंता का कारण
रांची के एक नवविवाहित दंपति के लिए हनीमून की खुशियां अचानक चिंता और अनिश्चितता में बदल गई हैं। राजधानी रांची निवासी अतुल उरांव, जो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में अधिकारी हैं, और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा दुबई में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सैन्य तनाव के बीच फंसे हुए हैं।
बताया गया कि दोनों 22 फरवरी 2026 को रांची में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधे थे। शादी के बाद नवदंपति 27 फरवरी को दुबई घूमने के लिए रवाना हुए थे और 4 मार्च को उनकी भारत वापसी निर्धारित थी।
हालांकि, इसी दौरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण स्थिति अचानक संवेदनशील हो गई और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं।
दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानों का निलंबन
सूत्रों के अनुसार, Dubai International Airport पर एहतियातन कई उड़ानों को स्थगित कर दिया गया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में पर्यटक और यात्री वहां फंस गए हैं।
दुबई के कई सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। होटल परिसरों के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे वहां मौजूद पर्यटकों में भी चिंता का माहौल है।
“खुशियों की यात्रा डर में बदल गई”
अतुल उरांव ने बताया कि वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत का जश्न मनाने दुबई आए थे, लेकिन हालात अचानक बदल गए।
उन्होंने कहा कि जैसे ही वे दुबई पहुंचे, उड़ानों के रद्द होने और क्षेत्र में बढ़ते तनाव की खबरें मिलने लगीं। इसके बाद से ही स्थिति अनिश्चित हो गई है और अब उनका एकमात्र लक्ष्य सुरक्षित घर लौटना है।
वहीं डॉ. कंचन बाड़ा ने भी चिंता जताते हुए कहा कि दुबई में माहौल सामान्य नहीं लग रहा है। सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और हर नई खबर के साथ चिंता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि वे दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन जल्द से जल्द अपने परिवार और देश लौटना चाहते हैं।
रांची में परिवारों की बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद रांची स्थित दोनों परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है। परिजन लगातार फोन और संदेश के माध्यम से संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
घर में जहां कुछ दिन पहले शादी की खुशियां थीं, वहीं अब परिवार के सदस्य टीवी समाचारों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। रिश्तेदार और मित्र भी सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग
नवदंपति और उनके परिजनों ने झारखंड सरकार से इस मामले में मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया गया है कि वे केंद्र सरकार और संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित कर जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
परिजनों ने यह भी मांग की है कि यूएई में फंसे झारखंड के लोगों की सूची तैयार की जाए और आवश्यकता पड़ने पर विशेष उड़ानों या सुरक्षित कॉरिडोर के माध्यम से उन्हें भारत वापस लाया जाए।
कई झारखंडियों के फंसे होने की आशंका
यह मामला केवल एक नवदंपति तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कई अन्य भारतीय नागरिकों के साथ-साथ झारखंड के लोग भी वहां फंसे हो सकते हैं।
ऐसे में परिवारों की मांग है कि सरकार सक्रिय पहल करते हुए सभी फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।
शादी के बाद जीवन की पहली यात्रा पर निकले यह नवदंपति फिलहाल भय और अनिश्चितता के माहौल में समय बिता रहे हैं। उनके लिए अब सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि जल्द हालात सामान्य हों और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
