6 मई का इतिहास: अतीत की झलक जो आज और कल को दिशा देती है
प्रमुख बिंदु:
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2010 में अजमल कसाब को सुनाई गई मौत की सजा
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1854 में भारत का पहला आधिकारिक डाक टिकट जारी
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1959 में हुआ पहला ग्रैमी अवॉर्ड समारोह
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1979 में मार्गरेट थैचर बनीं ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री
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2005 में लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया
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आज है राष्ट्रीय नर्स दिवस और अंतरराष्ट्रीय नो डाइट डे
इतिहास से सीख: अतीत आज को दृष्टि और कल को दिशा देता है
वर्तमान एक क्षणिक सत्य है, जो तुरंत ही अतीत में परिवर्तित हो जाता है, जबकि भविष्य अभी लिखा जाना बाकी है। इतिहास, यानी अतीत की घटनाएँ, हमें वर्तमान को समझने का दृष्टिकोण देती हैं और भविष्य की राह दिखाती हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम हर दिन के इतिहास को जानें और उससे प्रेरणा लें। आज हम 6 मई से जुड़े ऐसे ही ऐतिहासिक क्षणों पर नजर डालते हैं।
26/11 हमले के दोषी अजमल कसाब को मिली मौत की सजा
आज के दिन 6 मई 2010 को भारत की न्यायपालिका ने देश की अस्मिता के खिलाफ सबसे बड़े हमले के दोषी को सजा दी।
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए भीषण आतंकी हमले में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी शामिल थे। इनमें से एक, अजमल आमिर कसाब, जीवित पकड़ा गया था।
देशभर की नजरों के सामने हुए इस मुकदमे में न्यायपालिका ने कसाब को दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई। यह निर्णय आतंकवाद के विरुद्ध भारत की सख्त नीति को दर्शाता है।
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इतिहास में आज की अन्य प्रमुख घटनाएं
18वीं और 19वीं सदी की घटनाएं
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1780 – अमेरिका में American Academy of Arts and Sciences की स्थापना हुई, जो विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्था बनी।
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1846 – मिशिगन अमेरिका का पहला राज्य बना जिसने मृत्युदंड को समाप्त किया।
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1854 – भारत में पहला आधिकारिक डाक टिकट जारी किया गया, जो भारतीय डाक व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर था।
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1896 – ब्रिटेन के समाचार पत्र लंदन डेली मेल का पहला संस्करण प्रकाशित हुआ।
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1897 – पेरिस के एक बाजार में भीषण आग लगने से लगभग 200 लोगों की मौत हो गई।
20वीं सदी की ऐतिहासिक घटनाएं
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1924 – पेरिस में आठवें ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई।
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1945 – द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेना ने नीदरलैंड, डेनमार्क और नार्वे में आत्मसमर्पण किया।
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1959 – पहला ग्रैमी अवॉर्ड समारोह आयोजित हुआ, जो संगीत की दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार बन गया।
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1979 – मार्गरेट थैचर ब्रिटेन की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, जिन्होंने देश की राजनीति में गहरी छाप छोड़ी।
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1980 – रॉबर्ट मुगाबे ने जिम्बाब्वे में चुनाव जीतकर पहले अश्वेत राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त किया।
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1983 – चीन ने एक और परमाणु परीक्षण किया, जिससे वैश्विक सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं।
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1989 – अमेरिकी अंतरिक्ष यान FTS-30 का प्रक्षेपण हुआ।
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1994 – काहिरा में इजराइल और फिलिस्तीन के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ।
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1997 – फ्रांस की क्रिस्टिन जेनिन पैदल ध्रुव पर पहुंचने वाली पहली महिला बनीं।
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1999 – ओटावा संधि के अंतर्गत बारूदी सुरंगों के प्रतिबंध पर हस्ताक्षरकर्ता देशों की पहली बैठक मोजाम्बिक में हुई।
21वीं सदी की महत्वपूर्ण घटनाएं
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2003 – मैक्सिको की धाविका अन्ना गुएवेरा ने 300 मीटर दौड़ में 35.30 सेकेंड में विश्व रिकॉर्ड बनाया।
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2005 – संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित किया।
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2006 – सीआईए प्रमुख पोर्टर ग्रास ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
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2007 – बैंकॉक में ग्लोबल वार्मिंग पर अंतरराष्ट्रीय बैठक हुई।
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2007 – फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव में निकोलस सार्कोजी विजयी हुए।
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2008 – बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया पर भ्रष्टाचार का आरोपपत्र दाखिल हुआ।
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2010 – भारत के सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों को मिलने वाली स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MPLADS) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।
आज जन्मे महान व्यक्ति
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1861 – मोतीलाल नेहरू: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता और पंडित नेहरू के पिता।
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1925 – रहमान राही: कश्मीरी भाषा के कवि, अनुवादक और आलोचक।
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1983 – गगन नारंग: भारत के प्रसिद्ध राइफल निशानेबाज, जिन्होंने ओलंपिक में देश को पदक दिलाया।
आज ही हुए प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन
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1973 – शिव कुमार बटालवी: पंजाबी के मशहूर कवि, जिन्हें आधुनिक प्रेम काव्य का प्रतीक माना जाता है।
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2021 – चौधरी अजीत सिंह: भारतीय राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री, जो किसानों के हक के लिए हमेशा सक्रिय रहे।
आज के विशेष दिवस
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राष्ट्रीय नर्स दिवस (National Nurses Day) – इस दिन पूरे भारत में नर्सों के योगदान को सम्मानित किया जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय नो डाइट डे (International No Diet Day) – यह दिवस शरीर को स्वीकार करने और डाइट कल्चर पर सवाल उठाने का प्रतीक है।
निष्कर्ष
6 मई का दिन इतिहास में अनेक बड़े राजनीतिक, सामाजिक, और वैज्ञानिक घटनाओं के लिए जाना जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि कैसे अतीत की घटनाएं हमें वर्तमान की समझ और भविष्य की दिशा देती हैं। चाहे वह आतंकवाद के खिलाफ न्याय हो या महिलाओं के नेतृत्व में बदलाव, इस दिन की घटनाएं हमें सोचने और प्रेरित होने के लिए विवश करती हैं।
