🔹 मुख्य बिंदु:
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हिंदी साहित्य भारती रांची इकाई की महत्वपूर्ण बैठक होटल सिटी पैलेस, लालपुर में संपन्न
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अध्यक्ष बलराम पाठक और मुख्य अतिथि राकेश कुमार की उपस्थिति
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नई कार्यकारिणी की घोषणा, संगठनात्मक विस्तार पर ज़ोर
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आगामी राष्ट्रीय विचार गोष्ठी और कार्यशाला की योजना
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हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु व्यापक कार्यक्रमों का संकल्प
🔸 बैठक में संगठनात्मक विस्तार और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा
18 अप्रैल को रांची स्थित होटल सिटी पैलेस, लालपुर में हिंदी साहित्य भारती की रांची इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री बलराम पाठक ने की, जबकि प्रदेश महामंत्री श्री राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक का संचालन श्री अजय राय (संगठन महामंत्री) ने किया।
बैठक में संगठन की मजबूती, कार्य विस्तार और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

🟠 घोषित की गई नई कार्यकारिणी, इन पदाधिकारियों को सौंपे गए दायित्व
बैठक के दौरान नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें निम्नलिखित सदस्यों को प्रमुख दायित्व दिए गए:
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अध्यक्ष: बलराम पाठक
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उपाध्यक्ष: राजेश कुमार, संजय सराफ, सुनीता पाठक
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संगठन महामंत्री: अजय राय
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महामंत्री: सुकुमार झा
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संयुक्त महामंत्री: पूजा शेखर शुक्ला, निशांत पाठक, अभय कुमार पांडेय
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कोषाध्यक्ष: त्रिपुरेश्वर नाथ मिश्र
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प्रेस प्रभारी: संजीव दत्ता
🟢 हिंदी केवल भाषा नहीं, सांस्कृतिक चेतना की आत्मा: राकेश कुमार
मुख्य अतिथि श्री राकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। साहित्य भारती का कार्य एक साहित्यिक आंदोलन है, जो जन-जन को जोड़ता है।”
🔵 रांची इकाई हिंदी प्रचार-प्रसार में अग्रणी: बलराम पाठक
अध्यक्ष श्री बलराम पाठक ने कहा कि रांची इकाई हमेशा साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय रही है। “हमारी टीम हिंदी भाषा को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है,” उन्होंने कहा।
🟡 राष्ट्रीय विचार गोष्ठी सह कार्यशाला की घोषणा
संगठन महामंत्री श्री अजय राय ने बैठक में बताया कि आगामी दिनों में एक दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार गोष्ठी सह कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वान और साहित्यकार शामिल होंगे। आयोजन की तैयारी के लिए समितियाँ गठित की जा रही हैं।
🟣 साहित्यिक गतिविधियों को जन-जन तक ले जाने का संकल्प
बैठक के दौरान यह संकल्प लिया गया कि हिंदी साहित्य भारती, रांची इकाई भविष्य में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कवि सम्मेलन, लेखन कार्यशाला, साहित्यिक गोष्ठियाँ और भाषा जागरूकता अभियान आयोजित करेगी।
🟥 निष्कर्ष: नई ऊर्जा के साथ साहित्यिक आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प
यह बैठक रांची इकाई के लिए मील का पत्थर साबित हुई। संगठन ने हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प को दोहराया और आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से साहित्यिक आंदोलन को नई गति देने का निर्णय लिया।
