📌 मुख्य बिंदु-
-
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 19-27 अप्रैल तक स्पेन और स्वीडन के दौरे पर
-
निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संग यात्रा
-
ऊर्जा, स्टील, बुनियादी ढांचा और विनिर्माण क्षेत्र में FDI आकर्षण का उद्देश्य
-
स्पेनिश कंपनियों से B2B बैठकें और निवेश मंच आयोजित होंगे
-
स्वीडन में भी रणनीतिक औद्योगिक साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
📰 हेमंत सोरेन 19 अप्रैल से यूरोप दौरे पर, स्पेन-स्वीडन में निवेश लाने की रणनीति
नई दिल्ली, 18 अप्रैल, 2025: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 19 अप्रैल से 27 अप्रैल तक स्पेन और स्वीडन के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से इस्पात, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में।

🤝 उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ होंगे CM
मुख्यमंत्री सोरेन के साथ एक वरिष्ठ सरकारी और उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी स्पेन और स्वीडन जाएगा। इस दल में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अलका तिवारी, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, निदेशक उद्योग सुशांत गौरव, मुख्यमंत्री के सलाहकार अजय कुमार सिंह सहित कई प्रमुख अधिकारी शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल यूरोपीय निवेशकों को झारखंड की औद्योगिक संभावनाओं से अवगत कराएगा।
🌍 FDI बढ़ाने की रणनीति में स्पेन महत्वपूर्ण
स्पेन यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का फोकस स्टील, पारंपरिक व अक्षय ऊर्जा, गैस इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में निवेशकों को आकर्षित करने पर होगा। स्पेन की 280 से अधिक कंपनियां भारत में पहले से कार्यरत हैं और दोनों देशों के बीच 2024 में 8.78 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ।
💼 B2B बैठकें और निवेश मंच होंगे आयोजित
स्पेन में मुख्यमंत्री सोरेन और उनकी टीम कई शीर्ष स्पेनिश उद्योग समूहों, सार्वजनिक संस्थानों और निवेशकों से मिलेंगी। इस दौरान B2B बैठकें और निवेशक मंच भी होंगे, जिनमें झारखंड के औद्योगिक रोडमैप, निवेश नीति और PPP मॉडल की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को झारखंड के लॉजिस्टिक्स और संसाधन क्षमता से भी अवगत कराया जाएगा।
🇸🇪 स्वीडन में भी निवेश संभावनाएं होंगी तलाश
स्पेन के बाद मुख्यमंत्री स्वीडन पहुंचेंगे जहां ऊर्जा, स्टार्टअप सहयोग, और स्मार्ट टेक्नोलॉजी क्षेत्र में संभावित साझेदारियों की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। झारखंड सरकार का उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित कर राज्य को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
