फादर्स डे पर हेमंत सोरेन भावुक, पिता शिबू सोरेन को बताया जीवन का मार्गदर्शक.

झारखंड/बिहार विधानसभा चुनाव

फादर्स डे पर भावुक हुए हेमंत सोरेन, पिता शिबू सोरेन को बताया जीवन का मार्गदर्शक
– तस्वीर साझा कर लिखा, “पिता वटवृक्ष हैं, जिनकी छांव में आत्मविश्वास पलता है”


मुख्य बिंदु:

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फादर्स डे पर पिता शिबू सोरेन के साथ साझा की तस्वीर

  • सोशल मीडिया पोस्ट में पिता को बताया गुरु और जीवन का मार्गदर्शक

  • शिबू सोरेन को कहा “आदरणीय दिशोम गुरुजी”

  • सभी नागरिकों को फादर्स डे की दी शुभकामनाएं और जोहार



फादर्स डे पर पिता को समर्पित किया संदेश

रांची, 16 जून 2025 | फादर्स डे के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा शिबू सोरेन को समर्पित एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने एक खूबसूरत तस्वीर के साथ एक आत्मीय कविता सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसमें पिता की महत्ता और उनके योगदान को उन्होंने दिल से महसूस कराया।

“पिता वटवृक्ष हैं, जिनकी छांव में आत्मविश्वास पलता है”

अपने सोशल मीडिया संदेश में हेमंत सोरेन ने लिखा:

“पिता एक ऐसा वटवृक्ष हैं
जिनकी छांव में आत्मविश्वास पलता है,
और जड़ों से मिली सीख से,
जीवन का हर पल सार्थक हो जाता है…”

इस भावपूर्ण पंक्ति के साथ उन्होंने अपने पिता को ‘मेरे गुरु, मेरे मार्गदर्शक’ बताया और उन्हें “आदरणीय दिशोम गुरुजी” कहकर सम्मान दिया।

केदारनाथ में हेलीकॉप्टर हादसा: पायलट समेत 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत.

दिशोम गुरुजी के संघर्ष को बताया प्रेरणा स्रोत

मुख्यमंत्री ने इस पोस्ट के माध्यम से यह भी जताया कि उनके जीवन में शिबू सोरेन केवल एक पिता नहीं, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक प्रेरणा हैं। झारखंड आंदोलन के सबसे बड़े नेता के तौर पर शिबू सोरेन का संघर्ष, त्याग और सेवा भाव आज भी राज्य के युवाओं और नेताओं को दिशा दिखा रहा है।

सभी को दी शुभकामनाएं और जोहार

हेमंत सोरेन ने अंत में फादर्स डे पर राज्य और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा,
“आज फादर्स डे के अवसर पर सभी को ढेरों बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।”

फादर्स डे: पितृत्व को सम्मान देने का दिन

हर साल जून के तीसरे रविवार को मनाया जाने वाला फादर्स डे, पिता के योगदान, त्याग और मार्गदर्शन को याद करने और सम्मान देने का दिन होता है। इस मौके पर देशभर में लोग अपने पिता के प्रति प्रेम और आदर व्यक्त करते हैं। हेमंत सोरेन का यह भावनात्मक संदेश न सिर्फ उनके व्यक्तिगत संबंध को उजागर करता है बल्कि यह संदेश हर उस बेटे और बेटी से जुड़ता है जो अपने पिता को जीवन की नींव मानते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *