रोजगार पर सरकार नाकाम, युवा अब भी भटक रहे हैं- बाबूलाल मरांडी.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर राष्ट्रीय ख़बर विधानसभा चुनाव

हेमंत सोरेन सरकार के 100 दिन: वादे, नीयत और हकीकत

मुख्य बिंदु:

✔️ 100 दिन पूरे, लेकिन कोई ठोस कार्य नहीं दिखा
✔️ मैय्या सम्मान योजना जटिल नियमों में उलझी, महिलाओं को लाभ नहीं
✔️ रोजगार के वादे अधूरे, नियोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव
✔️ अपराध बढ़े, लेकिन सरकार बनी मूकदर्शक
✔️ भू-माफियाओं को संरक्षण, शासन-प्रशासन असंवेदनशील
✔️ जनता ने जिन पर भरोसा किया, उन्होंने विश्वास तोड़ा
✔️ आने वाले चुनावों में जनता देगी जवाब


हेमंत सोरेन सरकार के 100 दिन: कोई ठोस उपलब्धि नहीं

सोशल मीडिया पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि, झारखंड की जनता ने हेमंत सोरेन को दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया, लेकिन 100 दिन से ज्यादा बीतने के बावजूद कोई सार्थक बदलाव नहीं दिखता। न कोई दूरदर्शी नीति आई, न कोई गंभीर विकास कार्य हुए। चुनावी वादे केवल खोखले भाषणों तक सीमित रह गए हैं।

मैय्या सम्मान योजना: जटिल नियमों में उलझी महिलाएं

हेमंत सोरेन ने चुनाव से पहले महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का वादा किया था और मैय्या सम्मान योजना की घोषणा की थी। लेकिन लागू करने के समय, इसे जटिल नियमों और शर्तों में उलझा दिया गया, जिससे अधिकांश महिलाओं को लाभ ही नहीं मिल सकाप्रशासनिक विफलता के कारण महिलाओं को कागजातों की कमी का बहाना बनाकर वंचित रखा जा रहा है।

युवाओं को रोजगार देने का वादा बना जुमला

हेमंत सोरेन ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब तक नियोजन प्रक्रिया को पारदर्शी और सशक्त बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। झारखंड के लाखों युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।

अपराध बढ़े, सरकार मूकदर्शक

राज्य में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।
✔️ हत्या, बलात्कार, जमीन कब्जा, रंगदारी और संगठित अपराध बढ़ रहे हैं।
✔️ हर जिले से अपराध की खबरें, लेकिन सरकार मूकदर्शक।
✔️ भू-माफियाओं और अपराधियों को खुला संरक्षण
✔️ प्रशासन असंवेदनशील और निष्क्रिय

ऐसा प्रतीत होता है जैसे राज्य के संसाधनों की खुली लूट की छूट दी गई है

हेमंत सोरेन: नीयत और नीति दोनों पर सवाल

हेमंत सोरेन सत्ता में बने रहने के लिए जनता को गुमराह करते रहे, लेकिन सत्ता मिलने के बाद जनता से मुंह मोड़ लिया
✔️ जनता ने जिन पर भरोसा किया, उन्होंने बार-बार विश्वास तोड़ा
✔️ झारखंड पिछड़े राज्यों की श्रेणी में खड़ा हो गया

जनता देगी जवाब

लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता के पास होती है
✔️ आने वाले चुनावों में जनता इस विश्वासघात का जवाब देगी
✔️ झारखंड का भविष्य छल, भ्रष्टाचार और अपराध पर नहीं, बल्कि पारदर्शिता, विकास और न्याय पर तय होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *