Amity University Jharkhand

अमिटी यूनिवर्सिटी में ग्लोबल टेक कॉन्फ्रेंस। उच्च शिक्षा मंत्री ने किया उद्घाटन।

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर रोज़गार समाचार

रांची- अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एडवांसेज़ इन कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ICACSET 2025) का शुभारंभ बुधवार को हुआ। यह आयोजन झारखंड सेंटर फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (JCSTI) और झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की शुरुआत विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष और कुलाधिपति के आशीर्वाद के साथ संपन्न हुई।

तकनीकी शिक्षा के बदलते स्वरूप पर मंत्री ने रखे विचार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, सुधिव्य कुमार, मंत्री—उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार ने कहा कि रांची में इस स्तर का सम्मेलन आयोजित होना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि भारत ने शिक्षा व्यवस्था में कई परिवर्तन देखे हैं और वर्तमान में तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के दो पहलू—सीखने की इच्छा और पढ़ाई करने का अनुशासन—दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सरकार और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय को कल्याणकारी राज्य के लिए अनिवार्य बताया।

रेलवे में तकनीकी नवाचार की बढ़ती भूमिका

रांची रेल मंडल के Divisional Railway Manager करुणा निधि सिंह ने कहा कि रेलवे का कार्य संचालन आज अनेक आधुनिक तकनीकों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के समाधान खोजने में मदद मिलती है।

“तकनीक हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है”—IISR रांची निदेशक

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन, रांची के निदेशक डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग आज समाज के हर हिस्से पर प्रभाव डाल रही है—चाहे रक्षा और स्वास्थ्य हो या अन्य कोई सार्वजनिक क्षेत्र। उन्होंने तकनीकी नवाचार का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का डिजिटल युग पर फोकस

पुर्तगाल की यूनिवर्सिटी ऑफ मिन्हो, गुइमारेस से आए अतिथि विशेष डॉ. अंकित आर. पटेल ने डिजिटलाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन के विस्तार पर अपनी बात रखी। उन्होंने तकनीकी प्रगति को वैश्विक सहयोग और अनुसंधान से सीधे जुड़ा बताया।

अमिटी कुलपति ने बताया—सम्मेलन का मकसद नवाचार और स्थानीय सहभागिता

अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने कहा कि यह सम्मेलन समाज की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान खोजने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रॉब्लम–प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PPBL) मॉडल पर काम करता है, जिसमें हर शोध, नवाचार और उद्यमिता पहल में झारखंड के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

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