झारखंड में औद्योगिक निवेश बढ़ाने को जर्मनी ने दिखाई रुचि.

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झारखंड में कोयला उद्योग समेत अन्य क्षेत्रों में निवेश को लेकर जर्मन राजदूत और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच अहम मुलाकात
कोल सेक्टर में सहयोग की पेशकश, जर्मनी से निवेशकों को झारखंड बुलाने की पहल

मुख्य बिंदु:

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने की मुलाकात

  • कोयला उद्योग में झारखंड-जर्मनी के बीच सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा

  • औद्योगिक निवेश को लेकर झारखंड सरकार की तैयारियों से राजदूत को कराया गया अवगत

  • मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया– जर्मन निवेशकों को मिलेगा हरसंभव सरकारी सहयोग

  • जर्मनी ने मुख्यमंत्री सोरेन को दिया आधिकारिक आमंत्रण

  • बैठक में अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी रहे मौजूद



रांची- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज उनके आवासीय कार्यालय में भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जर्मन दूतावास के इकोनॉमी काउंसलर भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच कोयला खनन, उद्योग, ऊर्जा और निवेश के संभावित क्षेत्रों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

राजदूत एकरमैन ने इस मौके पर कहा कि जर्मनी और झारखंड के कोयला आधारित औद्योगिक अनुभवों में काफी समानता है। इसलिए कोल सेक्टर में तकनीकी सहयोग और संयुक्त परियोजनाओं के लिए जर्मनी झारखंड के साथ साझेदारी को तैयार है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि झारखंड की खनिज संपदा और औद्योगिक संरचना जर्मन निवेशकों के लिए काफी आकर्षक हो सकती है।

झारखंड में निवेश को लेकर दिखी रुचि
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजदूत को राज्य में निवेश के लिए बनाए गए माहौल और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार देश और विदेश के औद्योगिक समूहों के साथ निरंतर संवाद में है, और इसके परिणामस्वरूप राज्य में निवेश की कई नई संभावनाएं खुल रही हैं।

Hemant Soren German Ambassador Meeting
झारखंड सरकार विदेशी निवेशकों से कर रही है सतत संवाद

मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि जो भी जर्मन उद्योगपति झारखंड में निवेश करना चाहेंगे, उन्हें सरकार की ओर से हर स्तर पर समर्थन और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच, राजदूत एकरमैन ने मुख्यमंत्री को जर्मनी आने का आमंत्रण भी सौंपा, जिससे दोनों देशों के बीच औद्योगिक एवं तकनीकी साझेदारी को और गति मिल सके।

बैठक में रहे अधिकारी
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  अविनाश कुमार भी उपस्थित थे। दोनों पक्षों ने भविष्य में ठोस औद्योगिक समझौतों की संभावनाओं पर विचार किया और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।

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