शराब घोटाले से लेकर तुष्टिकरण तक, सोशल मीडिया पर CM सोरेन के खिलाफ ट्रेंड.

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हेमंत सोरेन पर सोशल मीडिया में बढ़ा दबाव, ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है #घोटालेबाज_सोरेन

मुख्य बिंदु:

  • ट्विटर पर “#घोटालेबाज_सोरेन” ट्रेंड में, 1600 से अधिक पोस्ट

  • आरोपों में करप्शन, शराब घोटाला, बोकारो विधायक श्वेता सिंह का नाम

  • मुस्लिम तुष्टिकरण जैसे मुद्दों पर भी निशाना

  • सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं



ट्विटर पर हेमंत सोरेन के खिलाफ बढ़ा ट्रेंडिंग दबाव

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक बार फिर ट्विटर पर चर्चा के केंद्र में हैं। शनिवार सुबह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” (पूर्व में ट्विटर) पर #घोटालेबाज_सोरेन हैशटैग तेज़ी से ट्रेंड कर रहा है। समाचार लिखे जाने तक इस हैशटैग पर 1,600 से अधिक पोस्ट सामने आ चुकी थीं।

इस ट्रेंड में यूज़र्स मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर विभिन्न घोटालों और नीति निर्णयों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

घोटालेबाज सोरेन
#घोटालेबाज_सोरेन क्यों हुआ वायरल?

कौन-कौन से आरोप लगाए जा रहे हैं?

इस ट्रेंड में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर निशाना साधा गया है:

  1. शराब घोटाला:
    यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि झारखंड में शराब नीति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा है।

  2. बोकारो विधायक श्वेता सिंह का मुद्दा:
    कुछ पोस्टों में विधायक श्वेता सिंह से जुड़े विवाद का ज़िक्र है।

  3. मुस्लिम तुष्टिकरण:
    मुख्यमंत्री पर समुदाय विशेष के पक्ष में नीतिगत निर्णय लेने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जिन्हें कुछ यूज़र्स ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ कह रहे हैं।

  4. खनन और भूमि घोटाले:
    इससे पहले भी हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की जांच और खनन पट्टों से जुड़े विवाद सामने आ चुके हैं, जो इस ट्रेंड में फिर से उछाले जा रहे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार

विपक्षी दलों, विशेषकर भाजपा के सोशल मीडिया समर्थकों ने इस ट्रेंड को हवा दी है। हालांकि, अभी तक हेमंत सोरेन या झारखंड सरकार की ओर से इस ट्रेंड पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पूर्व में मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को “राजनीतिक साजिश” करार दिया था और कहा था कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।

सोशल मीडिया का प्रभाव और राजनीतिक माहौल

यह ट्रेंड ऐसे समय पर सामने आया है जब राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। ऐसे ट्रेंड्स सियासी माहौल में लोगों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया आज जनमत को दिशा देने का बड़ा माध्यम बन चुका है, और ऐसे ट्रेंड्स सिर्फ एक राजनीतिक दल को ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी प्रभावित करते हैं।

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे “#घोटालेबाज_सोरेन” जैसे हैशटैग झारखंड की राजनीति में अस्थिरता और आरोप-प्रत्यारोप की गर्मी को दर्शाते हैं। जब तक सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं आता, यह मामला सोशल मीडिया और जनचर्चा में बना रहेगा।

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