18 अप्रैल: तात्या टोपे की शहादत से लेकर विश्व विरासत दिवस तक.

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर

आज का दिन: इतिहास में 18 अप्रैल का महत्व

आज वर्तमान है, कल बीता हुआ समय और आने वाला कल भविष्य है। बीता हुआ कल सिर्फ स्मृति नहीं बल्कि सीखने का एक अवसर है। अतीत न केवल वर्तमान को दृष्टि देता है बल्कि भविष्य को दिशा भी प्रदान करता है। ऐसे में हम आपको आज यानी 18 अप्रैल के दिन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं, महान व्यक्तित्वों के जन्म और निधन, तथा विशेष दिवसों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।


⚔️ तात्या टोपे: स्वतंत्रता संग्राम का ज्वलंत प्रतीक

क्या आप जानते हैं कि आज ही के दिन 18 अप्रैल 1859 को देश के महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे को फांसी दी गई थी?
तात्या टोपे का असली नाम रामचंद्र रघुनाथ टोपे था। 1857 की क्रांति में उनका योगदान अत्यंत निर्णायक रहा। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जंग छेड़कर स्वतंत्रता की अलख जगाई। देशवासियों को यह बताया कि आजादी कोई कल्पना नहीं, बल्कि हक है जिसे हासिल करना जरूरी है।

तात्या टोपे ने 1857 की क्रांति में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब और अन्य वीरों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना को कई बार पराजित किया। परंतु विश्वासघात के कारण वह पकड़े गए और आज ही के दिन उन्हें अंग्रेजों ने फांसी पर लटका दिया।

17 अप्रैल का इतिहास: जानिए आज के दिन की महत्वपूर्ण घटनाएं.


🏛️ इतिहास में आज की अन्य प्रमुख घटनाएं

  • 1506 – पोप जूलियस द्वितीय ने वेटिकन में सेंट पीटर्स बैसिलिका की आधारशिला रखी।

  • 1612शाहजहां ने मुमताज महल से विवाह किया।

  • 1902डेनमार्क ने सबसे पहले फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड करने की तकनीक अपनाई।

  • 1917महात्मा गांधी ने बिहार के चंपारण में सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की।

  • 1948हेग, नीदरलैंड्स में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस की स्थापना हुई।

  • 1950विनोबा भावे ने भूदान आंदोलन की शुरुआत की, आंध्र प्रदेश के तेलंगाना में 80 एकड़ भूमि दान में मिली।

  • 1955अल्बर्ट आइंस्टीन का निधन हुआ, जिनकी सापेक्षता का सिद्धांत विज्ञान में क्रांति लेकर आया।

  • 1968 – अमेरिका ने नेवादा परीक्षण स्थल पर परमाणु परीक्षण किया।

  • 1971 – भारत का पहला जंबो जेट बोइंग 747 मुंबई (बम्बई) पहुंचा, जिसका नाम ‘सम्राट अशोक’ रखा गया।

  • 1978नई दिल्ली के प्रमुख वास्तुविद सोभा सिंह का निधन।

  • 1980जिम्बाब्वे ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता की घोषणा की।

  • 1991केरल को भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।

  • 1992 – रंगभेद के बाद दक्षिण अफ्रीका ने 1970 के बाद पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला।

  • 1994ब्रायन लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ 375 रन बनाकर सर गारफील्ड सोबर्स का रेकॉर्ड तोड़ा।

  • 1996काहिरा में 17 यूनानी पर्यटकों और एक गाइड की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

  • 1999अटल बिहारी वाजपेयी लोकसभा में एक वोट से विश्वास मत हार गए।

  • 2001बांग्लादेश की गोलीबारी में भारत के 16 जवान शहीद।

  • 2008 – पाकिस्तान ने सरबजीत सिंह की फांसी एक माह के लिए टाली।

  • 2008 – भारत और मैक्सिको के बीच नागरिक उड्डयन और ऊर्जा के क्षेत्र में समझौते हुए।

  • 2024 – पश्चिम भारत के पनंध्रो में 6.6 करोड़ वर्ष पुराने विशाल सांप वासुकी इंडिकस के जीवाश्म का साक्ष्य प्रकाशित। यह सांप 11-15 मीटर लंबे होते थे।


👤 आज जन्में महान व्यक्तित्व

  • 1621गुरु तेग बहादुर, सिखों के नौवें गुरु।

  • 1858 – समाज सुधारक महर्षि धोंडो केशव कर्वे, जिन्होंने विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा के लिए कार्य किया।

  • 1916 – जानी-मानी अभिनेत्री ललिता पवार, जिन्होंने हिंदी फिल्मों में दमदार नकारात्मक भूमिकाएं निभाईं।

  • 1928 – अनुभवी फिल्म अभिनेत्री दुलारी, जिन्होंने कई सहायक भूमिकाओं में यादगार अभिनय किया।


🕯️ आज के दिन जिनका निधन हुआ

  • 1898 – भारतीय क्रांतिकारी दामोदर हरी चापेकर

  • 1955 – वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन, भौतिकी में क्रांति लाने वाले।

  • 1972 – संस्कृत विद्वान पंडित पांडुरंग वामन काणे, जिन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया।

  • 1978सोभा सिंह, जिन्होंने नयी दिल्ली को आधुनिक स्वरूप दिया।


🌍 विशेष दिवस: विश्व विरासत दिवस

18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस (World Heritage Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देना है। भारत के अजंता-एलोरा गुफाएं, ताजमहल, कुतुब मीनार जैसे स्थल विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।


📌 निष्कर्ष

इतिहास केवल तारीखों का क्रम नहीं, बल्कि हमारी पहचान, प्रेरणा और चेतना का स्रोत है। 18 अप्रैल जैसे दिन हमें यह याद दिलाते हैं कि हमारे पूर्वजों ने किन संघर्षों और प्रयासों से देश को आज़ादी, संस्कृति और विज्ञान के पथ पर अग्रसर किया। तात्या टोपे जैसे महानायक और आइंस्टीन जैसे वैज्ञानिक हमें यही सिखाते हैं कि विचार और संघर्ष दोनों ही मानव सभ्यता को दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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