मदरसा से टेरेसा तक की राजनीति कर रही है झारखंड सरकार: भाजपा
मुख्य बिंदु:
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भाजपा विधायक दल की बैठक में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता
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सरकार पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी के नामों को बदलने का आरोप
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धर्मांतरण और धार्मिक पक्षपात को लेकर सरकार को घेरा
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‘मदरसा से टेरेसा’ तक की राजनीति का आरोप
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भाजपा ने सरकार के खिलाफ विधानसभा में आक्रामक रुख अपनाने का किया ऐलान
भाजपा विधायक दल की बैठक में रणनीति पर चर्चा
रांची, 01 अगस्त 2025- झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक दल की बैठक प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला।

‘मदरसा से टेरेसा’ तक की राजनीति का आरोप
नवीन जायसवाल ने कहा कि झारखंड सरकार लगातार एकतरफा धार्मिक राजनीति कर रही है। उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा, “राज्य सरकार ‘मदरसा से टेरेसा’ तक की राजनीति कर रही है, जो सीधे तौर पर धर्म विशेष के पक्ष में झुकाव दर्शाता है।”
महान नेताओं के नाम बदलना निंदनीय: भाजपा
भाजपा ने सरकार पर राज्य के संस्थानों और योजनाओं से देश के महान नेताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसे राष्ट्रनायकों का नाम हटाना बेहद निंदनीय है। भाजपा नेताओं ने इसे झारखंड की राजनीतिक संस्कृति का अपमान बताया।
धर्मांतरण को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया
भाजपा ने सरकार पर आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ते धर्मांतरण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। जायसवाल ने कहा कि सरकार इस संवेदनशील विषय पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे राज्य में सामाजिक समरसता खतरे में पड़ सकती है।
विधानसभा में होगा तीखा विरोध
बैठक में निर्णय लिया गया कि भाजपा विधायक दल सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह आक्रामक रुख अपनाएगा। पार्टी का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों को सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भाजपा की यह बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि पार्टी आगामी सत्र के दौरान सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। धार्मिक असंतुलन, नाम बदलने की राजनीति और आदिवासी हितों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर सरकार को कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है।
