झारखंड: आकलन सफल सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ ने JAC कार्यालय का दौरा कर अपनी मांगें रखीं
मुख्य बिंदु:
-
आकलन/JTET समतुल्य और सहायक अध्यापकों की समस्याओं को लेकर संघ ने राज्य परियोजना कार्यालय, JAC का दौरा किया।
-
शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा गया।
-
निदेशक महोदय ने अधिकांश मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
संघ की प्रमुख मांगें और निदेशक का जवाब
-
आकलन/JTET समतुल्य की मांग
-
संघ ने 45 हजार आकलन सफल सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों को सहायक आचार्य के वेतनमान की मांग की।
-
निदेशक श्री शशि रंजन ने नियमावली का अध्ययन करने के बाद कहा कि यह सम्भव है और इस पर विचार किया जाएगा।
-
-
टेट परीक्षा में 20% राहत
-
23 वर्षों के कार्य अनुभव वाले सहायक अध्यापकों के लिए टेट परीक्षा में 20% रियायत देने की मांग की।
-
निदेशक ने उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने की संभावना जताई।
-
-
संविदा कर्मियों का दर्जा लागू करना
-
संघ ने संविदा कर्मियों के नियमावली में वर्णित दर्जा को पूरी तरह लागू करने का अनुरोध किया।
-
निदेशक ने कहा कि यह नियमावली में स्पष्ट रूप से निर्धारित है।
-
-
1700 संस्थाओं का रोका गया मानदेय
-
जल्द मानदेय निर्गत करने की मांग।
-
निदेशक ने निर्देश दिया कि सभी जिला कार्यलयों को नियुक्ति प्रमाण पत्र की जांच के बाद मानदेय जारी करने का आदेश दिया गया है।
-
-
आकलन प्रमाण पत्र निर्गत करना
-
संघ ने आकलन प्रमाण पत्र जल्द जारी करने का अनुरोध किया।
-
निदेशक ने सहमति जताई।
-
घाटशिला उपचुनाव: भाजपा की ‘परिवर्तन पुकार’ बनाम झामुमो की ‘विरासत अपील’.
बैठक का सार
-
लगभग आधे घंटे तक संघ और निदेशक के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।
-
निदेशक महोदय ने कई बिंदुओं पर आश्वासन दिया।
-
संघ ने राज्य के सभी आकलन सफल सहायक अध्यापकों से एकजुट होकर आकलन कमेटी निर्माण करने का आग्रह किया।
-
यह कदम भविष्य में सरकार की गलत नीतियों के विरोध और शिक्षा सुधार के लिए जरूरी है।
संघ और निदेशक के बीच हुई बैठक से स्पष्ट हुआ कि सरकार सहायक अध्यापकों की समस्याओं को गंभीरता से देख रही है। संघ ने सभी आकलन सफल साथियों से एकजुट होकर नियमों के अनुसार अपने अधिकारों की सुरक्षा का आह्वान किया है।
