ECI की तीन बड़ी घोषणाएं: मतदाता सूची में अब नहीं रहेंगे मृतकों के नाम।

झारखंड/बिहार राष्ट्रीय ख़बर

चुनाव आयोग की बड़ी पहल: मतदाता सूची में सुधार और सुविधा बढ़ाने के लिए तीन नई घोषणाएं

मुख्य बिंदु:

  1. मृतकों के नाम हटाने के लिए महापंजीयक से सीधे डेटा मिलेगा

  2. मतदाता पर्ची का नया डिज़ाइन होगा अधिक स्पष्ट और सुलभ

  3. बीएलओ को पहचान पत्र जारी करने का निर्णय



मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की तैयारी

भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक और मतदाता प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में तीन नई महत्वपूर्ण पहल की हैं। यह कदम मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की मौजूदगी में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान की गई सिफारिशों के अनुरूप हैं।

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निर्वाचन आयोग का बड़ा कदम

मृत्यु पंजीकरण डेटा अब सीधे मिलेगा

सबसे बड़ी पहल के रूप में आयोग अब भारत के महापंजीयक से मृतकों की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सीधे प्राप्त करेगा। यह प्रक्रिया मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 9 और जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 3(5)(बी) के तहत लागू होगी। इससे चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) को मृतकों के नाम समय पर सूची से हटाने में आसानी होगी। साथ ही, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अब फॉर्म 7 के इंतजार के बिना फील्ड विजिट के माध्यम से पुनः सत्यापन कर सकेंगे।



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मतदाता पर्ची होगी अब और उपयोगी

दूसरी पहल के तहत आयोग ने मतदाता सूचना पर्ची (VIS) के डिज़ाइन को अधिक मतदाता-फ्रेंडली बनाने का निर्णय लिया है। इसमें मतदाता की क्रम संख्या और भाग संख्या अधिक स्पष्ट और बड़े फॉन्ट में प्रदर्शित की जाएगी। इससे मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र की जानकारी पाना आसान होगा और मतदान अधिकारी भी सूची में नाम जल्दी ढूंढ सकेंगे।

BLO को मिलेगा अधिकारिक पहचान पत्र

तीसरी बड़ी घोषणा के तहत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि सभी बीएलओ को आधिकारिक फोटो पहचान पत्र जारी किया जाएगा। यह लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13बी(2) के तहत होगा। इससे मतदाता बीएलओ को पहचान सकेंगे और उनके साथ विश्वास के साथ संवाद कर सकेंगे। चूंकि बीएलओ चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों के पहले संपर्क बिंदु होते हैं, ऐसे में उनकी पहचान स्पष्ट होना जरूरी है।

इन तीन पहलों के माध्यम से निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और नागरिकों के लिए अनुकूल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। आगामी चुनावों में इन उपायों का व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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