एचईसी बचाओ मजदूर जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर से प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कमल ठाकुर के नेतृत्व में मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एचईसी के पास आज भी 1200 करोड़ रुपए का कार्यादेश है। परंतु कार्यशील पूंजी के अभाव में उत्पादन ठप्प है और यह बंदी के कगार पर है। सितंबर 2023 से 1600 ठेका कर्मियों को काम से हटा दिया गया है और कर्मियों का 24 महीने का वेतन बकाया है। वेतन नहीं मिलने के कारण सीपीएफ और पेंशन का पैसा भी नहीं मिल रहा है।
भुखमरी और शिक्षा पर असर
एचईसी कर्मियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है। एचईसी से जुड़े आस-पास के गांवों के जनजीवन पर भी गहरा असर पड़ा है। आदिवासियों को विस्थापित कर जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए जमीन ली गई थी, वह पूरी नहीं हो पा रही है। हजारों एकड़ खाली जमीन अतिक्रमित की जा रही है और अवैध कब्जा संस्थान की जमीन पर हो रहा है।
समस्या के समाधान की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस मामले को लोकसभा में उठाने के साथ-साथ किसी भी पीएसयू में मर्ज करने की मांग भी उठाई जाए।
कांग्रेस का भावनात्मक लगाव
राजेश ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि एचईसी से कांग्रेस का भावनात्मक लगाव है और इसे बचाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से प्रकाश कुमार, विमल महली, एमपी रामचंद्रन, सनी सिंह और एस जे मुखर्जी उपस्थित थे।
