रमजान: इबादत, सब्र और रहमत का महीना
रमजान इस्लाम धर्म में सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह महीना न केवल रोज़े (उपवास) का होता है, बल्कि आत्मशुद्धि, इबादत और नेक कर्मों का भी समय होता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं, इबादत करते हैं और कुरान की तिलावत करते हैं।
रमजान के मुख्य पहलू:
✅ रोज़ा (उपवास): अल्लाह की इबादत के लिए एक विशेष उपवास, जिसमें भोर से लेकर सूर्यास्त तक कुछ भी नहीं खाया-पीया जाता।
✅ नमाज़ और तिलावत: इस महीने में पांच वक्त की नमाज़ के साथ-साथ तरावीह की नमाज़ भी अदा की जाती है।
✅ जकात (दान): ज़रूरतमंदों की मदद करना इस महीने का अहम हिस्सा होता है।
✅ इफ्तार और सहरी: रोज़ेदार सूरज डूबने के बाद इफ्तार करते हैं और भोर में सहरी करते हैं।
रमजान को संयम, दया, और आत्मा की पवित्रता का महीना माना जाता है। यह महीना इंसान को बुराइयों से दूर रहकर अल्लाह की राह पर चलने का अवसर देता है।
