झारखंड में अवैध धर्मान्तरण और अंधविश्वास फैलाने वाली प्रार्थना सभाओं को लेकर राज्यपाल से ज्ञापन
मुख्य बिंदु:
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झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन
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चर्च मिशनरी द्वारा अंधविश्वास और अवैध धर्मान्तरण की गतिविधियों का आरोप
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राज्यपाल से रोक और उचित कार्रवाई की मांग
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रांची | झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा, रांची के एक शिष्टमंडल ने आज राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से राज भवन में भेंट की और चर्च मिशनरी द्वारा अंधविश्वास फैलाने और गंभीर बीमारियों को ठीक करने के नाम पर अवैध धर्मान्तरण की गतिविधियों से अवगत कराया। शिष्टमंडल ने संबंधित ज्ञापन भी राज्यपाल को समर्पित किया।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम चान्द, थाना तुपुदाना, पंचायत हरदाग, प्रखण्ड नामकुम, जिला रांची में पिछले एक वर्ष से झारखंड महाअभिषेक चर्च द्वारा बिना स्थानीय या जिला प्रशासन की अनुमति टेंट पंडाल लगाकर यह दावा किया जा रहा है कि प्रभु यीशु के नाम पर प्रार्थना करने से अंधा, लंगड़ा, बहरा, गुंगा, महामारी, एड्स जैसी गंभीर बीमारियां ठीक हो सकती हैं। इसी बहाने गुप्त रूप से लोगों को धर्मान्तरण करवाया जा रहा है, जो अवैध है।
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शिष्टमंडल ने यह भी बताया कि ऐसे आयोजन अन्य स्थानों पर भी किए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए:
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शुभ संदेश एवं प्रार्थना सभा – द जिजस इज लाईफ चर्च मैदान, अनगड़ा, रांची, 20 से 22 अक्टूबर 2025
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झारखंड रिवाइवल मिटिंग-2025 – एच.ई.सी., धुर्वा, प्रभात तारा मैदान, 23 से 25 अक्टूबर 2025
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झारखंड प्रार्थना महोत्सव – गुमला बहमनी, ऐरो ड्राम मैदान, नियर डॉन वास्तको स्कूल, गुमला, 15 से 17 अक्टूबर 2025
शिष्टमंडल ने राज्यपाल से अपील की है कि इस तरह की गैरकानूनी एवं अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाली प्रार्थना सभाओं पर रोक लगाई जाए और उचित कार्रवाई की जाए।
