🔴 प्रमुख बिंदु:
-
झारखंड ACB ने IAS विनय चौबे को शराब घोटाले में किया गिरफ्तार
-
उत्पाद सचिव रहते अनियमितताओं की जांच में फंसे चौबे
-
संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को भी किया गया गिरफ्तार
-
छत्तीसगढ़ EOW की जांच में झारखंड लिंक सामने आने के बाद बढ़ी कार्रवाई
-
चौबे ने ED के सामने खुद को बताया था निर्दोष
झारखंड शराब घोटाले में ACB की सख्ती, IAS विनय चौबे गिरफ्तार
झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले ACB की टीम ने उन्हें मुख्यालय बुलाकर लंबी पूछताछ की। चौबे पर उत्पाद सचिव रहते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है।
संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह भी गिरफ्त में
इस मामले में ACB ने वर्तमान संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले मामले की गहन जांच EOW (छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा) द्वारा की जा रही थी, जिसमें झारखंड कनेक्शन सामने आने के बाद ACB ने अपनी जांच तेज की थी।
छत्तीसगढ़ EOW की जांच से खुला झारखंड लिंक
यह मामला शुरुआत में छत्तीसगढ़ EOW में दर्ज किया गया था, जिसमें जांच के दौरान झारखंड में शराब घोटाले के तार सामने आए। इसके बाद झारखंड ACB ने राज्य सरकार से औपचारिक अनुमति लेकर Preliminary Enquiry (PE) दर्ज की थी। इसी आधार पर पूछताछ और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
ED के सामने चौबे ने दी सफाई
शराब घोटाले से संबंधित मामले में छत्तीसगढ़ ED ने भी IAS विनय चौबे को समन भेजा था। पूछताछ के दौरान चौबे ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि नई उत्पाद नीति सरकार की मंजूरी के बाद लागू की गई थी और उनका इसमें कोई व्यक्तिगत दोष नहीं था।
आरोप: छत्तीसगढ़ सिंडिकेट ने रचा झारखंड में घोटाले का जाल
जानकारी के अनुसार, झारखंड के एक व्यक्ति ने छत्तीसगढ़ EOW में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप था कि छत्तीसगढ़ के एक शराब सिंडिकेट ने सुनियोजित तरीके से झारखंड में भी शराब घोटाले को अंजाम दिया। इस शिकायत के आधार पर ही राज्य स्तर पर जांच का दायरा बढ़ा और ACB को कार्रवाई करनी पड़ी।
निष्कर्ष: IAS अधिकारियों पर गिर रही है गाज
ACB द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि झारखंड में प्रशासनिक स्तर पर हुए इस बड़े घोटाले में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। IAS विनय चौबे और गजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी इस घोटाले के परत-दर-परत खुलासे की शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
