मुख्य बिंदु:
मुख्यमंत्री ने 12% बकाया अनुदान राशि की फाइल पर 21 अक्टूबर को दी स्वीकृति
7 करोड़ रुपये छठ पर्व से पहले जारी करने का आदेश हुआ
अवर सचिव की छुट्टी से फाइल सचिवालय में अटकी
7000 वित रहित शिक्षक छठ पर्व बिना भुगतान के मनाने को मजबूर
विभागीय लापरवाही से हर साल होती है अनुदान वितरण में देरी
मोर्चा ने 31 अक्टूबर को बुलाई अध्यक्ष मंडल की बैठक, आंदोलन की चेतावनी
छठ पर्व से पहले वित रहित शिक्षकों को नहीं मिलेगी अनुदान राशि, विभागीय लापरवाही से फाइल अटकी
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रांची : झारखंड के करीब 7000 वित रहित शिक्षक और कर्मचारी इस बार भी छठ पर्व बिना अनुदान राशि के मनाने को मजबूर होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अनुदान की बकाया 12 प्रतिशत राशि को स्वीकृति देते हुए 21 अक्टूबर 2025 को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को फाइल लौटा दी थी। मुख्यमंत्री ने छठ पर्व को देखते हुए 7 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की थी, ताकि शिक्षकों को त्योहार से पहले भुगतान हो सके।
अवर सचिव की छुट्टी से अटकी फाइल
विभागीय सचिव ने संचिका को माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद को लौटाया, जिन्होंने इसे अवर सचिव ए.के. पांडे को भेजा। लेकिन ए.के. पांडे छुट्टी पर चले गए, जिससे फाइल उनके टेबल पर ही पड़ी रह गई है। अब 24 अक्टूबर को केवल एक दिन कार्यालय खुला रहेगा, जबकि 26 से 28 अक्टूबर तक छठ पर्व की छुट्टियां रहेंगी। इस स्थिति में समय पर भुगतान की संभावना बेहद कम हो गई है।
600 से अधिक विद्यालयों में प्रभावित होंगे शिक्षक-कर्मचारी
विभागीय देरी के कारण लगभग 600 इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा संस्थान के शिक्षक-कर्मचारी प्रभावित होंगे। यह सभी शिक्षक राज्य के दूरस्थ, देहाती और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत हैं और लगभग तीन लाख छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं।
वेतन समय पर सरकारी कर्मियों को, वित रहितों को नहीं
सरकारी कर्मचारियों का अक्टूबर माह का वेतन 16 अक्टूबर से ही जारी होना शुरू हो गया था और दिवाली से पहले सभी को भुगतान हो गया। इसके विपरीत वित रहित शिक्षकों को मार्च माह में ही यह राशि मिल जानी चाहिए थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अब तक भुगतान नहीं हो सका।
लैप्स हुई राशि और जांच की मांग
वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार ने अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन विभागीय गलती से 9 करोड़ रुपये लैप्स हो गए। इस पर अब तक कोई जांच नहीं हुई। मोर्चा ने इस विषय को कई बार उठाया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
मोर्चा की चेतावनी – 31 अक्टूबर को निर्णायक बैठक
वित रहित शिक्षक मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर 24 अक्टूबर तक राशि जारी नहीं की गई, तो 31 अक्टूबर को अध्यक्ष मंडल की बैठक बुलाई जाएगी और निर्णायक निर्णय लिया जाएगा। मोर्चा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद भी राशि जारी नहीं होती, तो राजभवन के समक्ष धरना दिया जाएगा।
मोर्चा नेताओं का बयान
मोर्चा के नेताओं — रघुनाथ सिंह, गणेश महतो, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कदीर अहमद, चन्द्रेश्वर पाठक, मनोज तिर्की, अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार और संजय कुमार — ने संयुक्त बयान में कहा कि हर साल की तरह इस बार भी अनुदान वितरण में गड़बड़ी हो रही है। इस बार यदि विभाग भुगतान में असफल रहा, तो मोर्चा बड़ा आंदोलन करेगा।
अनुदान बढ़ोतरी का मामला भी लटका
शिक्षक मोर्चा ने यह भी कहा कि 75% अनुदान राशि में बढ़ोतरी और राज्यकर्मी का दर्जा देने का मामला भी लंबे समय से लंबित है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय की अपील की है।
