झारखंड को मजबूत आर्थिक आधार देने की तैयारी में सरकार: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
मुख्य बातें:
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1.03 लाख करोड़ की राजस्व प्राप्ति, लक्ष्य का 80.27%
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SGST में 92.42% और पेशा कर में 116.36% राजस्व संग्रह
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आगामी वर्ष में 26,500 करोड़ का राजस्व लक्ष्य
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PL अकाउंट की राशि पर सरकार सख्त निगरानी में
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IRAU और STU इकाइयों को और प्रभावशाली बनाया जाएगा
चुनावों के बावजूद बेहतर राजस्व संग्रहण
रांची स्थित सूचना भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड के वित्त सह वाणिज्य कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बावजूद राज्य में संतोषजनक राजस्व संग्रहण हुआ है। वर्ष 2023-24 के लिए 1,06,999.57 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित था, जिसमें से 92,189.10 करोड़ रुपये की वसूली हुई। यह कुल लक्ष्य का 86.16% है। वहीं, गैर-कर आय समेत कुल प्राप्ति 1,03,469.82 करोड़ रुपये रही, जो कि बजट अनुमान का 80.27% है।

आर्थिक पारदर्शिता को प्राथमिकता
मंत्री किशोर ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में सभी विभागों को तीन-तीन माह पर राजस्व संग्रहण की समीक्षा करनी होगी, जबकि वे स्वयं हर छह माह में इसकी निगरानी करेंगे। जो प्रमंडल पीछे रहेंगे, उन्हें विशेष निर्देश और सहयोग प्रदान किया जाएगा।
PL अकाउंट पर कड़ी निगरानी
प्रेस वार्ता में मंत्री ने PL अकाउंट (Personal Ledger Account) का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2010 से अब तक इन खातों में रखी गई राशि का विश्लेषण किया जा रहा है। इस पर सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्रवाई कर रही है और सभी विभागों से विवरण मांगा गया है।

SGST से पांच वर्षों में 42.82% की वृद्धि
राज्य सरकार ने SGST के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15,375 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, जिसके विरुद्ध 14,210.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया। यह लक्ष्य का 92.42% है। वर्ष 2019-20 में SGST से 9,949.51 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। पांच वर्षों में SGST राजस्व में कुल 42.82% की वृद्धि हुई है।
VAT और JED में भी अच्छा प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2024-25 में VAT से 9,124 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,618.51 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो 72.54% है। वहीं JED (झारखंड ऊर्जा विभाग) के अंतर्गत 1,413 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 1,361.24 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई है।

पेशा कर संग्रह में रिकार्ड सफलता
सबसे शानदार प्रदर्शन पेशा कर (JPT) के क्षेत्र में देखने को मिला, जहां 88 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 102.40 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया गया, यानी लक्ष्य का 116.36%। इससे स्पष्ट है कि छोटे व्यापारियों और पेशेवरों के योगदान को राज्य सरकार गंभीरता से ले रही है।
राजस्व में निरंतर वृद्धि की योजना
मंत्री किशोर ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए 26,500 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। SGST से 15,500 करोड़, VAT से 9,310 करोड़ और पेशा कर से 90 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
System Integrator से राजस्व निगरानी में बदलाव
वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए नए System Integrator (SI) की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए जैपआईटी (JAPIT) द्वारा डीपीआर तैयार किया जा रहा है। इसके बाद GSTN से इंटीग्रेशन और अन्य विभागों के पोर्टल से समन्वय स्थापित कर त्रि-स्तरीय निगरानी संभव होगी।
Intelligence Units को मिलेगा और बल
राजस्व अपवंचना रोकने के लिए विभाग में कार्यरत Intelligence and Revenue Analysis Unit (IRAU) और Special Task Unit (STU) को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जाएगा। इससे करदाताओं की समय पर रिटर्न फाइलिंग और निरीक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।
विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि अप्रैल के अंत तक या 7 मई तक सभी योजनाओं की राशि जिलों को आवंटित कर दी जाए ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
खनन और विमानन कर से राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने संकेत दिए कि 2025-26 में डीजल के बल्क परचेज में कर दरों में छूट और विमान ईंधन (ATF) पर कर बढ़ाने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है। ये निर्णय राज्य की वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाने के लिए लिए जाएंगे।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पारदर्शी वित्तीय प्रणाली, तकनीकी उन्नयन और योजनाबद्ध राजस्व वृद्धि के जरिए झारखंड को एक मजबूत आर्थिक आधार देने की दिशा में गंभीर है। आने वाले वर्ष में वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति और विकास योजनाओं के संतुलन को बनाए रखना इसकी प्राथमिकता है।
