SOP के अनुसार पदस्थापन की मांग
रांची। नवनियुक्त सहायक आचार्य शिक्षकों के पदस्थापन को लेकर नवनियुक्त शिक्षक संघ ने रांची के उपायुक्त को पत्र लिखकर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार पदस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की है। संघ ने कहा है कि झारखंड के अन्य जिलों में SOP के तहत पदस्थापन किया जा रहा है, ऐसे में रांची जिला में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है।
शिक्षण व्यवस्था और छात्रों के हित का हवाला
शिक्षक संघ के अनुसार SOP के अनुरूप पदस्थापन होने से विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही नवनियुक्त शिक्षक भी शैक्षणिक और सामाजिक रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
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गृह प्रखंड में पदस्थापन की प्रमुख मांग
पत्र में संघ ने मांग की है कि नवनियुक्त सहायक आचार्य शिक्षकों का पदस्थापन उनके गृह प्रखंड में किया जाए, जिससे शिक्षकों को कार्य करने में सुविधा हो और विद्यालयों में स्थायित्व बना रहे।
महिला, दिव्यांग और विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों पर जोर
संघ ने यह भी आग्रह किया है कि महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों का पदस्थापन गृह प्रखंड, मुख्य मार्ग अथवा बेहतर यातायात सुविधा वाले विद्यालयों में किया जाए। इसके अलावा दिव्यांग और असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों को गृह प्रखंड के आसपास के विद्यालयों में पदस्थापित करने की मांग की गई है।
अन्य जिलों से आए शिक्षकों के लिए विकल्प व्यवस्था
पत्र में कहा गया है कि अन्य जिलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं को न्यूनतम पांच विद्यालयों के विकल्प लेकर पदस्थापन किया जाए अथवा उन्हें उन्हीं प्रखंडों में पदस्थापित किया जाए, जहां पहले से रिक्तियां उपलब्ध हैं।
अविवाहित और परित्यागता शिक्षिकाओं का मुद्दा
नवनियुक्त शिक्षक संघ ने अविवाहित एवं परित्यागता शिक्षिकाओं के लिए भी विशेष प्रावधान की मांग की है। संघ का कहना है कि ऐसी शिक्षिकाओं का पदस्थापन गृह प्रखंड या उसके समीपवर्ती विद्यालयों में किया जाना चाहिए।
शीघ्र निर्णय की अपील
संघ ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि रांची जिला में SOP के अनुरूप नवनियुक्त सहायक आचार्य शिक्षकों का शीघ्र, पारदर्शी और न्यायसंगत पदस्थापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
