वक़्फ़ संपत्तियों की जांच की मांग, भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप।

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जेएमएम पर उपद्रव भड़काने का आरोप

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा वक़्फ़ बिल पर की गई प्रेस वार्ता को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रेस वार्ता उपद्रवियों को उकसाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि जेएमएम प्रवक्ता द्वारा चैत्र नवरात्रि के दौरान माहौल बिगड़ने की आशंका जताना इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार उपद्रवियों के सामने झुक गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के त्योहारों – शिवरात्रि, होली और सरहुल के दौरान हिंसा हुई और अब रामनवमी पर भी माहौल खराब करने की साजिश हो सकती है।

वक़्फ़ कानून को लेकर कांग्रेस पर भी हमला

अजय साह ने कहा कि जब 1954, 1995 और 2013 में कांग्रेस सरकारों ने वक़्फ़ कानून बनाए, तब राज्यों की शक्तियों पर सवाल क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने कहा कि जेएमएम को तुष्टिकरण की राजनीति से कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब भाजपा देश हित में जमीन बचाने के लिए कानून लाती है, तो उन्हें संविधान की याद आने लगती है। भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का नया कानून राज्यों के अधिकारों को कमजोर नहीं करता, बल्कि उन्हें और सशक्त करता है।

झारखंड में वक़्फ़ संपत्तियों की जांच की मांग

भाजपा प्रवक्ता ने मांग की कि झारखंड में वक़्फ़ संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में वक़्फ़ की जमीनों का राजनीतिक स्वार्थ साधने और अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इशारा किया कि इससे कुछ विशेष राजनीतिक दलों को लाभ मिल रहा है।

आदिवासियों के हितों की अनदेखी का आरोप

अजय साह ने जेएमएम पर आदिवासी विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जेएमएम खुद को आदिवासियों का हितैषी बताती है, लेकिन वक़्फ़ बिल के विरोध में खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून अनुसूचित क्षेत्र (शेड्यूल-5) में आदिवासियों की जमीनों को भू-माफियाओं के कब्जे से बचाने के लिए लाया गया है। भाजपा प्रवक्ता ने हेमंत सरकार से मांग की कि वह वक़्फ़ के नाम पर हड़पी गई आदिवासी जमीनों की जांच कराए और दोषियों पर कार्रवाई करे।

कानून का पालन करना सरकार की जिम्मेदारी

अजय साह ने स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल का काम कानून लागू कराना नहीं, बल्कि उसका पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून देश के हर नागरिक पर लागू हो जाता है, इसलिए झामुमो को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है.

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