झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को क्षैतिज आरक्षण देने की मांग तेज।

झारखंड/बिहार रोज़गार समाचार

झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को क्षैतिज आरक्षण की मांग तेज

बजट सत्र में मंत्री योगेंद्र प्रसाद का आश्वासन, शीघ्र निर्णय की अपील

रांची – झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने बजट सत्र के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को क्षैतिज आरक्षण देने के आश्वासन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान होगा।

जेपीएससी और सरकारी नियुक्तियों में शीघ्र लागू करने की मांग

महतो ने मांग की कि सरकार इस फैसले को जल्द से जल्द जेपीएससी और सरकारी नियुक्तियों के नियमों में शामिल करे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की तर्ज पर झारखंड में भी आंदोलनकारियों के आश्रितों को बिना किसी भेदभाव के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाना चाहिए।

पांच वर्षों से लंबित है क्षैतिज आरक्षण का मामला

उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2021 से झारखंड सरकार 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की बात कर रही है और इसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है, लेकिन पांच वर्षों बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया था संशोधन का आश्वासन

सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान क्षैतिज आरक्षण में संशोधन का भरोसा दिया था।

सीधी नियुक्ति और सम्मान पेंशन की भी मांग

भू-राजस्व एवं परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों को सीधी नियुक्ति देने और जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देने का भी आश्वासन दिया है।

सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील

महतो ने राज्य सरकार से अपील की कि वह झारखंड आंदोलनकारियों के व्यापक हित में विधि-सम्मत सकारात्मक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों को जीते जी सम्मान देना चाहिए, जिससे वे अपने संघर्ष का वास्तविक फल प्राप्त कर सकें।

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