झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की बैठक में 23 सितंबर को प्रोजेक्ट भवन घेराव का निर्णय
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की बैठक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय की अध्यक्षता में सेक्टर 2, धुर्वा मैदान में आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 23 सितंबर को श्रमिक संघ अपनी मांगों के समर्थन में प्रोजेक्ट भवन का घेराव करेगा। इससे पहले ऑनलाइन बैठक में भी इस निर्णय पर चर्चा की गई थी।
श्रमिक संघ की प्रमुख मांगे
- आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त की जाए और ऊर्जा निगम द्वारा पुरानी व्यवस्था लागू की जाए।
- होमगार्ड के तर्ज पर मानदेय 1000 रुपये से ऊपर अनुभव के आधार पर चार वर्गों में तय हो।
- नियमित नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट दी जाए और अनुभव का लाभ पिछले बहाली के तर्ज पर मिले।
- 10 वर्षों से ऊपर सेवा देने वाले कर्मियों की नियमित नियुक्ति हो।
- सभी सप्लाई और ट्रांसमिशन जोन में हुए एरियर घोटाले की जांच हो।
- जहां एरियर नहीं दिया गया है, वहां उसका भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के वादों को लेकर असंतोष
बैठक को संबोधित करते हुए संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि सत्ता में आते ही आउटसोर्स और अनुबंध व्यवस्था को समाप्त कर सभी को नियमित किया जाएगा। लेकिन उनका यह वादा अब तक अधूरा ही है और सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के कगार पर है।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
अजय राय ने कहा कि ऊर्जा विकास श्रमिक संघ अब चुप नहीं बैठेगा और 23 सितंबर को हजारों विद्युत कर्मी प्रोजेक्ट भवन का घेराव करेंगे। यह सरकार पर निर्भर करेगा कि वह राज्य को ब्लैकआउट की स्थिति में पहुंचने देगी या फिर मुख्यमंत्री अपने किए वादों को पूरा करेंगे।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
आज की बैठक में अमित कुमार कश्यप, विजय सिंह, मुकेश कुमार साहू, जलील अंसारी, सरफराज अहमद, अमित मिश्रा, सैलेंद्र सिंह, सीव साह, वैभव सागर, बाल गोविंद महतो, सुरेन्द्र सिंह, रजनीकांत मेहता, राजकुमार प्रमाणिक, गोविंद मुंडा, पवन कुमार, शिवचरण महतो, आशीष तिग्गा, अनिल तिग्गा, प्रकाश नायक, अनिकेत सिंह, संजीत महतो, रविंद्र झा, अजय चौधरी, लक्ष्मण टोप्पो समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
