झारखंड सरकार ने जारी किए कई महत्वपूर्ण फैसले, छात्रों को मुफ्त किताबों से लेकर जल संसाधन आयोग तक
मुख्य बातें:
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राज्य के गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों में कक्षा 9 से 10 तक सभी छात्रों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक और कॉपी वितरण।
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कक्षा 9 से 12 के सरकारी विद्यालयों में Science और Competitive Magazine का मुद्रण एवं वितरण।
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जल संसाधन प्रबंधन के लिए झारखंड राज्य जल संसाधन आयोग का गठन।
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न्यायिक सेवा में सीधी भर्ती सहित कई प्रशासनिक बदलावों को मंजूरी।
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भ्रष्टाचार से जुड़ी गबन राशि की वसूली और पुन: आवंटन।
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नियंत्रक महालेखापरीक्षक के वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी।
हेमंत सोरेन कैबिनेट ने शिक्षा, जल संसाधन, प्रशासन और न्यायपालिका से जुड़े कई अहम निर्णय लिए हैं। इनमें छात्रों के लिए निःशुल्क किताबें वितरण से लेकर राज्य के जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए आयोग गठन तक शामिल हैं।
सबसे पहले, राज्य सरकार ने गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों, मदरसा और संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 9 से 10 तक नामांकित सभी छात्रों को मुफ्त पाठ्य-पुस्तक और कॉपी देने की स्वीकृति दी है। इसी के साथ, राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 के छात्रों को Science Magazine तथा कक्षा 11 से 12 के लिए Competitive Magazine का मुद्रण और वितरण भी शुरू किया जाएगा।
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जल संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से झारखंड राज्य जल संसाधन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी गई है। यह आयोग राज्य के रिभर बेसिनों में जल की उपलब्धता, विकास और बहुआयामी उपयोग के लिए काम करेगा।
प्रशासनिक सुधारों के तहत, लिपिकीय सेवाओं में कुछ पदों का स्थानांतरण और समायोजन किया गया है। इसके अलावा, झारखंड में आउटसोर्सिंग नियमावली (Jharkhand Manpower Procurement Manual, 2025) लागू करने की स्वीकृति भी दी गई है।
न्यायिक सेवा में सुधार करते हुए, झारखंड वरीय न्यायिक सेवा नियमावली के अनुसार जिला न्यायाधीश के पद पर विकेश की सीधी भर्ती को मंजूरी दी गई है।
वहीं, चतरा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण योजना में हुए गबन की राशि वसूल कर पुनः आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया।
अंत में, भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक द्वारा वर्ष 2024 के वित्तीय लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों को झारखंड विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है।
ये निर्णय झारखंड के प्रशासनिक और विकास कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
