विष्णुगढ़ हत्याकांड अब सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि सियासी जंग बन चुका है। अपने ही गठबंधन सहयोगी AJSU ने BJP को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया है।
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि इस जघन्य अपराध में एक ऐसा नाम शामिल है, जो भाजपा से जुड़ा बताया जा रहा है—भीम राम।
अब इस खुलासे के बाद राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। भाजपा की सहयोगी पार्टी AJSU के नेता संजय मेहता ने ही भाजपा पर तीखा हमला बोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह अब सिर्फ कानून का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक नैतिकता की परीक्षा है।
संजय मेहता ने दावा किया कि भीम राम लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है, स्थानीय स्तर पर इसकी पुष्टि होती है और पुरानी खबरों में भी उसका नाम पार्टी से जुड़ा सामने आता रहा है। ऐसे में भाजपा अब सच्चाई से बच नहीं सकती।
जिस BJP ने किया झारखंड बंद का ऐलान, उसी का नेता निकला मासूम का कातिल!
उन्होंने भाजपा के सामने तीन सीधे सवाल रख दिए:
क्या आरोपी को पार्टी से निकाला गया या नहीं?
क्या BJP खुले मंच से स्वीकार करेगी कि वह उनका कार्यकर्ता था?
क्या BJP अब भी उतनी ही मजबूती से आरोपियों को सजा दिलाने की लड़ाई लड़ेगी?
AJSU नेता ने साफ कहा—“चालाकी नहीं चलेगी, सच्चाई स्वीकार करनी होगी।”
इस बयान ने भाजपा को असहज कर दिया है, क्योंकि जिस मुद्दे पर पार्टी सरकार को घेर रही थी, अब उसी मामले में उसके अपने कार्यकर्ता पर आरोप खड़े हो गए हैं।
तेज सवाल
- क्या BJP अब नैतिक जिम्मेदारी लेगी?
- क्या झारखंड बंद का फैसला अब भी सही है?
- क्या राजनीति सच्चाई से बड़ी हो गई है?
विष्णुगढ़ कांड ने सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि राजनीति के दोहरे चरित्र को भी सामने ला दिया है। अब नजर इस पर है कि BJP सच्चाई स्वीकार करेगी या सियासत जारी रखेगी।
