“संविधान पहले या शरिया?” बयान पर बवाल, भाजपा का राज्यभर में विरोध प्रदर्शन।

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झारखंड: भाजपा का राज्यव्यापी प्रदर्शन, मंत्री हफीजुल हसन की बर्खास्तगी की मांग तेज

🟠 मुख्य बिंदु-

  1. भाजपा ने राज्यपाल से की मंत्री हफीजुल हसन की बर्खास्तगी की मांग

  2. हफीजुल हसन के ‘शरीया पहले, संविधान बाद में’ बयान पर उठी सियासी भूचाल

  3. राज्यभर में भाजपा का विरोध प्रदर्शन, सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे

  4. रांची में बाबूलाल मरांडी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में राजभवन मार्च

  5. ‘संविधान विरोधी मानसिकता’ को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा – भाजपा

  6. तुष्टीकरण की राजनीति से आक्रोशित भाजपा ने सरकार पर जमकर साधा निशाना

  7. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ ने भी किया सरकार पर तीखा हमला

  8. राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में मंत्री को हटाने की मांग को बताया संवैधानिक दायित्व

  9. भाजपा नेताओं ने कहा – झारखंड शरीया नहीं, संविधान से चलेगा

  10. प्रदर्शन में हजारों कार्यकर्ता शामिल, ‘हेमंत सरकार होश में आओ’ के लगे नारे



राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन, शहीद चौक से राजभवन तक लगे जोरदार नारे

झारखंड में मंत्री हफीजुल हसन के विवादास्पद बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रदेशभर में उनके बर्खास्तगी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। आज रांची में भाजपा के जोरदार प्रदर्शन के साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया कि पार्टी इसे अब राज्यव्यापी आंदोलन का रूप देगी।

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भाजपा का राज्यभर में विरोध प्रदर्शन

शहीद चौक से राजभवन तक मार्च, लगाए गए तीखे नारे

रांची ग्रामीण और महानगर भाजपा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक से राजभवन तक मार्च निकाला। इस दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने “संविधान विरोधी मंत्री हटाओ”, “शरिया नहीं संविधान चलेगा”, “हेमंत सरकार गद्दी छोड़ो” जैसे नारे लगाते हुए विरोध जताया।

प्रदर्शन के पश्चात भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष गंगवार से मिला और मंत्री हफीजुल हसन की बर्खास्तगी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

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झारखंड: मंत्री हफीजूल हसन की बर्खास्तगी की मांग

बाबूलाल मरांडी ने साधा निशाना – “राज्य में नहीं चलेगा शरीया कानून”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि “शरिया एक निजी आस्था का विषय हो सकता है, लेकिन उसे शासन व्यवस्था में लागू नहीं किया जा सकता।”

मरांडी ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “हेमंत सोरेन की सरकार संविधान की खुली अवमानना कर रही है और कांग्रेस-झामुमो गठबंधन चुप्पी साधे बैठा है।

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मंत्री हफीजूल हसन के बयान पर भड़की भाजपा

रविंद्र कुमार राय: “शरीया से चलाने की साजिश नहीं होगी बर्दाश्त”

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय ने कहा कि झारखंड भाजपा की तपोभूमि है, और इस भूमि पर शरीया कानून लागू करने की साजिश कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा प्रारंभ से ही एक देश, एक संविधान की पक्षधर रही है और पार्टी इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है।

केंद्रीय मंत्रियों की भी तीखी प्रतिक्रिया

प्रदर्शन में शामिल हुईं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि “वोट बैंक की राजनीति में डूबी झारखंड सरकार आज संविधान के खिलाफ खड़ी नजर आ रही है। मंत्री पद की शपथ लेने के बावजूद हफीजूल हसन ने जो बयान दिया है, वह लोकतंत्र के लिए घातक है।”

वहीं केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि “प्रजातंत्र में शरीया के हिसाब से शासन चलाने की सोच रखने वालों को कोई दूसरा देश तलाश लेना चाहिए। भारत का संविधान ही इस देश की आत्मा है।”

दीपक प्रकाश बोले: “धर्म के नाम पर विभाजन की मानसिकता अब भी ज़िंदा”

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि “धर्म के आधार पर देश का विभाजन कराने वाली मानसिकता आज फिर से सिर उठा रही है। शरीया कानून का सपना देखने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा। भाजपा के कार्यकर्ता भारतीय संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

भाजपा का दो-टूक – “तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी”

प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास की नीति में विश्वास रखती है लेकिन तुष्टीकरण की राजनीति के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने प्रदर्शन में दूर-दराज से पहुंचे कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करते हुए उन्हें आगे की रणनीति के लिए भी मार्गदर्शन दिया।

आंदोलन होगा तेज, सभी जिलों में प्रदर्शन की तैयारी

भाजपा ने ऐलान किया है कि अब यह आंदोलन सभी जिलों में फैलाया जाएगा और जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। पार्टी ने कहा है कि जब तक हफीजूल हसन को मंत्रिमंडल से बाहर नहीं किया जाता, तब तक यह विरोध जारी रहेगा।

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