वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पर भाजपा की कार्यशाला: पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम
मुख्य बिंदु:
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भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में वक्फ अधिनियम 2025 पर विस्तार से चर्चा
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वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम का तीखा प्रहार
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संशोधन से वक्फ संपत्ति की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का दावा
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कांग्रेस पर वक्फ घोटाले को बढ़ावा देने का आरोप
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने बताया गरीब मुस्लिमों के हक का कानून
भाजपा कार्यालय में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर एक विशेष प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा द्वारा चलाए जा रहे जागरण अभियान की प्रदेश टोली, प्रदेश पदाधिकारी, अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य, विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष, और पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। कार्यशाला का संचालन जागरण अभियान के संयोजक कमाल खान ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक अमर कुमार बाउरी ने प्रस्तुत किया।

दुष्यंत गौतम ने बताया वक्फ अधिनियम 2025 की खासियतें
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए वक्फ अधिनियम 2025 की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वक्फ इस्लामी कानून के तहत स्थापित एक स्थायी धर्मार्थ निधि है जिसे भारत में 1995 में मान्यता दी गई थी।
गौतम ने बताया कि 2018 की केंद्रीय वक्फ बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 8 लाख एकड़ से अधिक वक्फ संपत्ति है जिसकी बाजार कीमत 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसके बावजूद 31% मुसलमान आज भी गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
वक्फ घोटाला: संपत्ति लुटी गई, गरीबों को कुछ नहीं मिला
गौतम ने आरोप लगाया कि वक्फ की इन संपत्तियों का उपयोग गरीब मुसलमानों के लिए नहीं किया गया, बल्कि कुछ धार्मिक नेताओं और राजनेताओं के गठजोड़ ने इन संपत्तियों को लूट लिया। उन्होंने कहा कि लगभग 70% वक्फ संपत्तियां आज अवैध कब्जे में हैं, जबकि शेष मॉल, होटल और उद्योगों को नाम मात्र किराये पर लीज पर दे दी गई हैं।

संशोधन अधिनियम 2025 क्या बदलता है?
गौतम ने बताया कि नया संशोधन अधिनियम 2025 कई क्रांतिकारी बदलाव लाता है। इसमें वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों को सीमित किया गया है। सरकारी संपत्तियों को वक्फ घोषित करने पर रोक लगाई गई है और बोर्ड में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है।
इस कानून के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया गया है। गौतम ने कहा कि अगर इन संपत्तियों का सही तरीके से उपयोग होता, तो भारत के मुसलमान आज सऊदी अरब के मुसलमानों से भी अधिक सम्पन्न होते।
यह कानून धर्म के खिलाफ नहीं, विकास की दिशा में प्रयास है
गौतम ने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी भी धार्मिक आस्था पर हमला नहीं करता बल्कि केवल संपत्ति से संबंधित प्रबंधन में पारदर्शिता लाने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने का माध्यम बनेगा।
बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर हमला
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास दुष्प्रचार करने का रहा है। चाहे वह सीएए हो, तीन तलाक या संविधान से जुड़ी बातें हों—कांग्रेस ने हमेशा भ्रम फैलाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि 2013 में कांग्रेस सरकार द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन अधिनियम नैसर्गिक न्याय के खिलाफ था, जिसमें जमीन लुटेरों को असीमित अधिकार दिए गए थे। मोदी सरकार का नया वक्फ संशोधन कानून वक्फ संपत्तियों को दानदाताओं के उद्देश्य के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करेगा और गरीब मुसलमानों के हित में कार्य करेगा।
संशोधन से वक्फ बोर्ड होगा मजबूत
मरांडी ने जोर देकर कहा कि यह कानून वक्फ बोर्ड को मजबूत बनाएगा, संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और इसका लाभ समाज के जरूरतमंद लोगों को मिलेगा।
भाजपा का जनसंपर्क अभियान
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि भाजपा इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए राज्यभर में जनसंपर्क और संवाद अभियान चलाएगी। जनता को बताया जाएगा कि यह कानून किस तरह उनके हित में है।
प्रमुख नेता रहे उपस्थित
इस कार्यशाला में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, जागरण अभियान के प्रभारी डॉ. प्रदीप वर्मा, सांसद आदित्य साहू, मनोज कुमार सिंह, नीलकंठ सिंह मुंडा, आरती कुजूर, दुर्गा मरांडी, पवन साहू, अमरदीप यादव, किशुन दास, राफिया नाज, और अन्य प्रमुख भाजपा नेता उपस्थित थे।
