झारखंड कांग्रेस ने मंत्रियों को जारी किया दिशा-निर्देश, विधायकों के मुद्दों के समाधान पर दिया ज़ोर
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) ने पार्टी के मंत्रियों के लिए एक अहम दिशा-निर्देश जारी किया है। इस पत्र में मंत्रियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करें।
यह पत्र झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की ओर से जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस विधायक नियमित रूप से अपने क्षेत्र की समस्याओं को मंत्रियों के संज्ञान में लाते हैं, ऐसे में उन मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समन्वय और जवाबदेही पर जोर
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कांग्रेस मंत्री अन्य मंत्रियों के साथ समन्वय बनाकर अपने-अपने विभागों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की पहल करें। संगठन का मानना है कि इससे सरकार और विधायकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
जिला दौरा और जनता दरबार की सलाह
दिशा-निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक मंत्री को दो महीने में कम से कम एक बार अपने नाम से जुड़े जिलों का दौरा करना चाहिए। इस दौरान जिला कांग्रेस कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन कर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनी जाएं और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संगठनात्मक प्रक्रिया को मजबूत करने की पहल
कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, इन निर्देशों का उद्देश्य प्रशासनिक और संगठनात्मक प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित करना है, ताकि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान हो सके।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनता से सीधा संवाद और नियमित समीक्षा से सरकार की कार्यक्षमता में सुधार आएगा और पार्टी संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत होगी।
गौरतलब है कि यह निर्देश संगठनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
