झारखंड में कोचिंग संस्थानों के फर्जीवाड़े पर पेरेंट्स एसोसिएशन सख्त, अजय राय ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
🔹 मुख्य बिंदु:
-
कोचिंग संस्थानों पर झूठे विज्ञापन और फर्जी सफलता के दावे करने का आरोप
-
पेरेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष अजय राय ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
-
फीस, फैकल्टी और परीक्षाफल सार्वजनिक पोर्टल पर देने की सिफारिश
-
फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की वकालत
-
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ को बताया अपराध
शिक्षा को व्यापार में बदलने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: अजय राय
रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने आज राज्य में संचालित कोचिंग संस्थानों के फर्जीवाड़े पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कई कोचिंग सेंटर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल छात्रों के नाम पर झूठे दावे करते हैं और फर्जी प्रचार के माध्यम से अभिभावकों को भ्रमित करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है जब इन संस्थानों की कार्यप्रणाली पर पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि छात्रों और उनके परिवारों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
घर के आंगन में महिला कर रही थी काम, अचानक कोबरा फन फैलाकर आ गया.
पासवा के कार्यक्रम और गोल इंस्टीट्यूट पर उठाए सवाल
अजय राय ने उदाहरण के तौर पर बताया कि बीते वर्ष पासवा द्वारा गोल इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया गया था, और एक अन्य संस्थान बायोम पर भी सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि अगर किसी मंच से गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, तो उनकी जांच और निष्कर्ष भी सामने आना चाहिए। अन्यथा यह केवल प्रतिस्पर्धा को खत्म करने की साजिश का हिस्सा लगता है।
शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
राय ने कहा कि कोचिंग संस्थान झूठे विज्ञापन और फर्जी आंकड़ों के जरिए केवल लाभ कमाने की होड़ में लगे हैं, जो न केवल आर्थिक धोखाधड़ी है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक अपराध है जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
पारदर्शिता के लिए नियमावली हो अनिवार्य
पेरेंट्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक सख्त और स्पष्ट नियमावली बनाई जाए। इसमें शामिल हो:
-
संस्थान की फैकल्टी, फीस स्ट्रक्चर और परीक्षा परिणाम की जानकारी को वेबसाइट और सरकारी पोर्टल पर प्रकाशित करना अनिवार्य हो।
-
सभी दावों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए।
-
फर्जी दावे करने वाले संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
-
एक स्वतंत्र निगरानी प्राधिकरण का गठन किया जाए जो हर वर्ष संस्थानों की समीक्षा करे।
पेरेंट्स एसोसिएशन बनेगा हर अभिभावक की आवाज
अंत में अजय राय ने स्पष्ट कहा कि झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन हर अभिभावक की आवाज बनेगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता लाने के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
