मुख्य बिंदु
• मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच शांति के लिए प्रार्थना का आह्वान
• 8 मार्च 2026 को “शांति के लिए प्रार्थना दिवस” मनाने की अपील
• 8 से 14 मार्च तक विशेष रोजरी (Rosary) प्रार्थना का आह्वान
• 13 मार्च को उपवास और प्रार्थना का दिन घोषित
• रांची महाधर्मप्रांत और भारत की कैथोलिक कलीसिया के नाम जारी संदेश
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच शांति के लिए प्रार्थना की अपील
रांची कैथोलिक आर्चडायोसिस की ओर से एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया गया है, जिसमें मध्य पूर्व में बढ़ती अशांति और युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना करने का आह्वान किया गया है। इस संदेश में विशेष रूप से ईरान और पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है।
इस संदेश के माध्यम से भारत में स्थित लैटिन कैथोलिक कलीसिया के सभी आर्चबिशप, बिशप, पुरोहित, उपयाजक, धर्मसंघियों, धर्मबंधुओं और विश्वासियों से अपील की गई है कि वे शांति और मानवता के लिए प्रार्थना में एकजुट हों।
प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता
संदेश में यह भी कहा गया है कि युद्ध और अस्थिरता का प्रभाव केवल प्रभावित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे मानव समाज पर पड़ता है। भारत के कई नागरिक मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में रहकर काम करते हैं और अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं।
ऐसे में इस संकट की घड़ी में उनकी सुरक्षा और कल्याण को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। कलीसिया ने सभी विश्वासियों से अपील की है कि वे इन लोगों की सुरक्षा और शांति के लिए विशेष प्रार्थना करें।
8 मार्च को “शांति के लिए प्रार्थना दिवस”
संदेश में रविवार, 8 मार्च 2026 को विशेष रूप से “शांति के लिए प्रार्थना दिवस” के रूप में मनाने की अपील की गई है। इस दिन सभी चर्चों और धार्मिक समुदायों में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित करने का आग्रह किया गया है।
इसके साथ ही पवित्र यूखरिस्त (मिस्सा बलिदान) के दौरान विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त विश्वासियों की प्रार्थना में युद्ध से प्रभावित लोगों की सुरक्षा और विश्व नेताओं के बीच विवेक और संयम के लिए भी प्रार्थना शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
8 से 14 मार्च तक रोजरी प्रार्थना का आह्वान
संदेश में यह भी कहा गया है कि 8 मार्च से 14 मार्च तक प्रतिदिन विशेष रूप से शांति के लिए पवित्र रोजरी अर्पित की जाए। इस दौरान सभी विश्वासियों से अपील की गई है कि वे एकजुट होकर वर्तमान तनाव को समाप्त करने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के लिए प्रार्थना करें।
कलीसिया का मानना है कि सामूहिक प्रार्थना, संयम और संवाद के माध्यम से ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
13 मार्च को उपवास और प्रार्थना
इसके अलावा शुक्रवार, 13 मार्च को उपवास और प्रार्थना का विशेष दिन मनाने की भी अपील की गई है। इस दिन विश्वासियों से कहा गया है कि वे विश्व शांति के लिए अपने त्याग और प्रार्थना को समर्पित करें।
संदेश में यह भी कहा गया है कि उपवास और प्रार्थना के माध्यम से हिंसा और संघर्ष से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जाए।
रांची महाधर्मप्रांत की ओर से जारी संदेश
यह संदेश कार्डिनल फिलिप नेरी फेरेओ, जो कि कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ऑफ इंडिया (CCBI) के अध्यक्ष हैं, की ओर से जारी किया गया है। वहीं रांची महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विन्सेंट आइंड की ओर से भी इस अपील को साझा किया गया है।
संदेश में कहा गया है कि सामूहिक प्रार्थना, तपस्या और एकजुटता के माध्यम से मानवता को शांति की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। कलीसिया ने सभी विश्वासियों से आग्रह किया है कि वे इस कठिन समय में ईश्वर से शांति और भाईचारे के लिए विनम्र प्रार्थना करें।
