योग्य लाभुक न हों वंचित, मृत लाभुकों को हटाने का निर्देश
रांची, 18 अगस्त 2025- मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सोमवार को खाद्य आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन की समीक्षा बैठक में राज्य के सभी उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी योग्य लाभुक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से वंचित न रहे। साथ ही मृत लाभुकों को चिह्नित कर प्राथमिकता से हटाने और नए लाभुकों को जोड़ने का आदेश दिया।

लाभुकों का केवाईसी और रिकॉर्ड अपडेट जरूरी
मुख्य सचिव ने कहा कि लाभुकों का KYC हर हाल में पूर्ण होना चाहिए। जहां समस्या हो, उसका परीक्षण कर समयबद्ध निपटारा करें। उन्होंने निर्देश दिया कि हर माह भौतिक निरीक्षण किया जाए और रिकॉर्ड व बुक कीपिंग अप-टू-डेट रखी जाए।
साल में दो बार धोती-साड़ी वितरण
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि निर्धन परिवारों के बीच साल में दो बार धोती-साड़ी वितरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उड़नदस्ता टीम बनाकर वितरण की जांच हो और कहीं कोई अनियमितता न होने पाए।
उन्होंने कहा कि लाभुकों में योजनाओं की जानकारी और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए होर्डिंग, फ्लैक्स, नुक्कड़ नाटक जैसे स्थानीय और प्रभावी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही स्थानीय भाषाओं में प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि हर लाभुक को पता हो कि क्या मिलेगा, कितना मिलेगा, कहां मिलेगा और कब मिलेगा।
गोदामों को 20 सितंबर तक कार्यशील बनाने का आदेश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी गोदामों को कार्यशील बनाया जाए। कई गोदाम मामूली कमियों के कारण बंद पड़े हैं। उपायुक्तों को कहा गया कि वे व्यक्तिगत रुचि लेकर इन्हें उपयोगी बनाएं। इसके लिए 20 सितंबर तक टाइमलाइन तय की गई।
उन्होंने कहा कि दिसंबर से धान खरीद प्रक्रिया शुरू होगी, इसलिए गोदामों में रख-रखाव और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। सहकारिता विभाग के गोदामों का भी आकलन कर उपयोग करने का निर्देश दिया गया। वहीं नए स्वीकृत गोदामों के निर्माण में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।
समय पर खाद्यान्न उठाव और वितरण पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि समय पर खाद्यान्न वितरण उसके समय पर उठाव पर निर्भर करता है। इसके लिए पैनी नजर रखनी होगी। बताया गया कि निगरानी के लिए सेंट्रल कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किया गया है।
बैठक में अधिकारी और उपायुक्त जुड़े
इस समीक्षा बैठक में खाद्य सचिव उमाशंकर सिंह समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। वहीं राज्य के सभी उपायुक्त ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
