झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स की माइनिंग और एन्वायरन्मेंट उप समिति की बैठक
रांची- झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स की माइनिंग और एन्वायरन्मेंट उप समिति की संयुक्त बैठक मंगलवार को चैम्बर भवन में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा जारी नए गजट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के आलोक में राज्य सरकार द्वारा लघु खनन (माइनर मिनरल) कारोबारियों को राहत प्रदान किए जाने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई।
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उप समिति ने बताया कि गत सप्ताह एक प्रतिनिधिमंडल ने वन एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक से मुलाकात की थी। इसमें केंद्र सरकार के संशोधित मानकों और एनजीटी के आदेशों को त्वरित प्रभाव से लागू करने की मांग रखी गई थी। प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर विभागीय सचिव ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर गठित समिति के माध्यम से शीघ्र कार्रवाई कराई जाएगी। इसके अलावा उप समिति ने निदेशक-खान, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव तथा सिया के सदस्य सचिव से भी मिलकर संशोधित मानकों को जल्द लागू करने का आग्रह किया।
एनजीटी के नए संशोधित पर्यावरणीय मापदंड
लघु खनिज (पत्थर सहित) के खनन के लिए एनजीटी ने निम्नलिखित संशोधित मानक लागू करने का निर्देश दिया है—
• आरक्षित वन क्षेत्र से दूरी: 250 मीटर से घटाकर 200 मीटर
• संरक्षित वन क्षेत्र से दूरी: 250 मीटर से घटाकर 0 मीटर
• रिहायशी क्षेत्र से दूरी: 500 मीटर से घटाकर 200 मीटर
• नदी/जल स्रोत से दूरी: 500 मीटर से घटाकर 75 मीटर
• शिक्षा क्षेत्र से दूरी: 500 मीटर से घटाकर 200 मीटर
सूत्रों के अनुसार वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा गठित समिति की बैठक 24 नवंबर 2025 को संपन्न हो चुकी है, और अब राज्य सरकार के स्तर पर अधिसूचना जारी होने की प्रतीक्षा है।
खनन कारोबार को मिलेगी राहत: चैम्बर
चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि झारखंड में लघु खनन व्यापार से जुड़े हजारों उद्यमी मौजूदा परिस्थितियों में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा संशोधित मापदंड जारी किए जाने से व्यापार को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार जल्द अधिसूचना जारी कर इन मानकों को लागू करेगी ताकि व्यापारिक गतिविधियाँ सुचारू रूप से जारी रह सकें।
बैठक में चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, उप समिति चेयरमैन नितेश सारदा, डॉ. अनल सिन्हा, सदस्य मोइज अख्तर (भोलू), किशोर खेमानी, संदीप कुमार, ऋषि पोद्दार, डॉ. अनुपम घोष, कमलकांत ओहदार, अभिषेक पोद्दार, चंद्रप्रकाश जैन, नटवल साबू और विशेषज्ञ राघव नंदन प्रसाद प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
