🔹 मुख्य बिंदु-
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पश्चिम बंगाल के 2 DEO, 12 ERO और 217 BLO के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण शुरू
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IIIDEM में चुनाव अधिकारियों के क्षमता विकास के लिए कार्यक्रम
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28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया अधिकारियों ने भाग लिया
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मीडिया की भूमिका और गलत सूचना से मुकाबले पर चर्चा
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने पारदर्शी संचार पर बल दिया
चुनाव आयोग ने शुरू किया राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, मीडिया और BLO अधिकारियों को दी गई रणनीतिक जानकारी
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) में दो महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीक जानकारी और जागरूकता को बढ़ावा देना है।
पश्चिम बंगाल के BLO और DEO के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण
पश्चिम बंगाल से आए 2 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), 12 निर्वाचक नामावली रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और 217 बूथ स्तर अधिकारी (BLO) इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम चुनाव अधिकारियों की क्षमता और दक्षता बढ़ाने की दृष्टि से आयोजित किया गया है। यह पहल 4 मार्च को आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) सम्मेलन में प्रस्तावित व्यापक प्रशिक्षण योजना का हिस्सा है।

मीडिया अधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण
भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को मीडिया नोडल अधिकारियों, सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों और जिला जनसंपर्क अधिकारियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया। इस कार्यक्रम में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से सक्रिय और तथ्य आधारित जानकारी प्रसारित करना, गलत सूचनाओं का मुकाबला करना और मतदाता जागरूकता को सशक्त बनाना था।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया संबोधित
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस मौके पर प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सटीक, समय पर और पारदर्शी सूचना देना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने मीडिया की भूमिका को लोकतंत्र में एक निर्णायक स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया अधिकारियों को तथ्य आधारित संवाद के जरिये मतदाताओं को सशक्त बनाना चाहिए।
कानून और नियमों पर दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम 1961 और निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि इन कानूनों के तहत किस प्रकार की संचार रणनीति अपनाई जाए जिससे जनता तक सही सूचना पहुंचे और चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।
लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
चुनाव आयोग का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चुनाव प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और जागरूकता आधारित बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। आयोग का मानना है कि जमीनी स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र और जागरूक अधिकारी ही लोकतंत्र की नींव को और मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
