सस्टेनेबल फूड प्रोसेसिंग पर BIT मेसरा में अंतरराष्ट्रीय मंच, 10-12 जुलाई को होगा आयोजन.

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BIT मेसरा और यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया की साझेदारी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन FCMPE WellH 25 का ऐलान
सस्टेनेबल फूड प्रोसेसिंग और पब्लिक हेल्थ पर फोकस, 10–12 जुलाई को होगा आयोजन


मुख्य बिंदु:

  • BIT मेसरा, यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

  • विषय: सस्टेनेबल प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी फॉर फूड सिक्योरिटी, पब्लिक हेल्थ एंड न्यूट्रिशन

  • देश-विदेश से 400-500 प्रतिभागियों की भागीदारी संभावित

  • तकनीकी सत्रों से लेकर औद्योगिक प्रदर्शनी तक अनेक कार्यक्रम

  • सम्मेलन का उद्देश्य: अकादमिक और उद्योग जगत को जोड़ना, बायोइकोनॉमी को बल देना

  • झारखंड के जैविक संसाधनों और एग्री-आधारित उद्यमों पर विशेष ध्यान



रांची, 9 जुलाई 2025

बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), मेसरा, रांची ने यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया, अमेरिका के सहयोग से एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की घोषणा की है। “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन फूड कैमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एंड प्रोसेस इंजीनियरिंग फॉर वेलनेस एंड हेल्थ (FCMPE WellH 25)” शीर्षक वाला यह सम्मेलन 10 से 12 जुलाई 2025 के बीच BIT मेसरा परिसर में आयोजित किया जाएगा।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य

इस सम्मेलन का फोकस ऐसे सस्टेनेबल प्रोसेसिंग तकनीकों पर होगा जो भारत की खाद्य सुरक्षा, पोषण, और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित कर सकें। आयोजन का मकसद अकादमिक शोध को औद्योगिक नवाचारों से जोड़ना है ताकि भारत की बायोइकोनॉमी और आत्मनिर्भर भारत मिशन को गति मिल सके।

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प्रतिभागियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा

इस सम्मेलन में देश-विदेश से 400–500 प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है जिनमें शामिल होंगे – प्रोफेसर, वैज्ञानिक, स्टार्टअप संस्थापक, नीति निर्माता, छात्र और औद्योगिक नेता।
प्रमुख आकर्षण होंगे:

  • कीनोट लेक्चर और पैनल चर्चाएं

  • टेक्निकल पेपर प्रेजेंटेशन और पोस्टर सत्र

  • फ्लैश टॉक्स और क्विज़ प्रतियोगिताएं

  • औद्योगिक प्रदर्शनियां, जिनमें फूड बायोटेक्नोलॉजी और 3डी फूड प्रिंटिंग की झलक

झारखंड पर विशेष फोकस

सम्मेलन में झारखंड के जैविक संसाधनों, वन उत्पादों और कृषि-आधारित उद्यमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा। कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, फोर्टीफाइड फूड को बढ़ावा देना और पर्सनल न्यूट्रिशन में AI, IoT और माइक्रोबायोम आधारित इनोवेशन को बढ़ाने पर चर्चा होगी।

नेतृत्व और विशेषज्ञता

सम्मेलन के दो प्रमुख कन्वेनर हैं:

  • डॉ. अनुपम रॉय – फूड प्रोसेस इंजीनियरिंग और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी में माहिर

  • डॉ. बापी गोरेन – फार्मास्युटिकल बायोटेक्नोलॉजी और ड्रग डिलीवरी विशेषज्ञ

इनके नेतृत्व में सम्मेलन अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नए मुकाम तक ले जाने का लक्ष्य रखता है।

प्रेस कांफ्रेंस में आयोजन के सह-संयोजक अमित तिवारी और मीडिया प्रभारी डॉ. मृणाल पाठक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन के उद्देश्यों और संरचना को मीडिया के समक्ष साझा किया।

प्रकाशन और भागीदारी

सम्मेलन में प्रस्तुत चुनिंदा शोधपत्रों को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही Scopus-इंडेक्स्ड विशेष अंक का प्रकाशन भी प्रस्तावित है।

राष्ट्रीय निर्माण में योगदान

यह सम्मेलन केवल अकादमिक संवाद का मंच नहीं, बल्कि भारत को सस्टेनेबल फूड टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

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