सुदेश महतो ने अमेरिका में बढ़ाया झारखंड का मान, महावाणिज्य दूत से की मुलाकात
✅ मेजर पॉइंट्स
-
सुदेश महतो न्यू जर्सी में बिजाना के ग्लोबल कॉन्क्लेव में शामिल हुए
-
भारत के महावाणिज्य दूत विनय श्रीकांत प्रधान से की अनौपचारिक मुलाकात
-
भारत-अमेरिका संबंधों और प्रवासी मुद्दों पर हुई चर्चा
-
महावाणिज्य दूत ने बिजाना के सांस्कृतिक कार्यों की सराहना की
🌍 बिजाना के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में सुदेश महतो की भागीदारी
झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में आयोजित “बिहार–झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (बिजाना)” के स्वर्ण जयंती समारोह और ग्लोबल कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। यह समारोह अमेरिका में बसे प्रवासी भारतीयों के लिए एक अहम सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन है।
🤝 भारत के महावाणिज्य दूत से हुई महत्वपूर्ण मुलाकात
इस दौरान सुदेश महतो की एक अनौपचारिक मुलाकात अमेरिका में भारत के महावाणिज्य दूत विनय श्रीकांत प्रधान से भी हुई। यह मुलाकात न केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही, बल्कि इसमें भारत-अमेरिका के राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अलावा, प्रवासी भारतीयों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

🗣️ प्रवासी समाज के प्रति सराहना और प्रतिबद्धता
महावाणिज्य दूत श्री प्रधान भी इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वे न्यूयॉर्क से विशेष रूप से इस समारोह में भाग लेने न्यू जर्सी पहुंचे। उन्होंने बिजाना के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठन उत्तरी अमेरिका में बसे प्रवासियों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजाना ना केवल सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित कर रहा है, बल्कि भारत की सकारात्मक छवि को विदेशों में भी सशक्त बना रहा है।
🇮🇳 सांस्कृतिक सेतु बना बिजाना
बिजाना जैसे मंच प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस आयोजन में भारत के पारंपरिक रीति-रिवाज, कला, संगीत और सामाजिक मूल्यों को उजागर किया गया, जो अगली पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में सहायक है।
सुदेश महतो की अमेरिका यात्रा केवल एक राजनीतिक प्रतिनिधि की विदेश यात्रा नहीं है, बल्कि यह झारखंड और भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखने का भी प्रयास है। उनकी सक्रिय भागीदारी और भारत के राजनयिकों से संवाद यह दर्शाता है कि झारखंड अब वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तत्पर है।
