झारखंड एटीएस ने धनबाद में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
मुख्य बिंदु
- HuT, AQIS और ISIS जैसे संगठनों से जुड़ाव की गुप्त सूचना मिली
- धनबाद में अवैध हथियारों का कारोबार और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का खुलासा
- छापेमारी में दो पिस्टल, 12 कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और प्रतिबंधित दस्तावेज बरामद
- चार आरोपी गिरफ्तार, एटीएस ने दर्ज किया आपराधिक मामला
- HuT पर प्रतिबंध के बाद देश में दर्ज पहला मामला
झारखंड एटीएस को मिली थी खुफिया जानकारी
झारखंड एटीएस (Anti Terrorism Squad) को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि HIZB UT-TAHRIR (HuT), AQIS (Al-Qaeda in Indian Subcontinent), ISIS और अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्ति राज्य के युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इन संगठनों के सदस्य सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर उकसा रहे थे और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे।

धनबाद में अवैध गतिविधियों का हुआ खुलासा
सूचना के सत्यापन के दौरान सामने आया कि धनबाद जिले में इन संगठनों से जुड़े लोग अवैध हथियारों का कारोबार भी कर रहे थे। इसके अलावा वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का संचालन भी कर रहे थे। इन गतिविधियों की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया।
कई टीमें बनाकर की गई छापेमारी
दिनांक 26 अप्रैल 2025 को धनबाद जिले के विभिन्न संदिग्ध इलाकों में एटीएस ने कई टीमों का गठन कर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान चार संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके नाम हैं:
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गुलफाम हसन (21 वर्ष)
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आयान जावेद (21 वर्ष)
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मो. शहजाद आलम (20 वर्ष)
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शबनम परवीन (20 वर्ष)
गिरफ्तार सभी आरोपी धनबाद के अलग-अलग क्षेत्रों से हैं और इनमें एक महिला आरोपी भी शामिल है।

भारी मात्रा में हथियार और दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से दो पिस्टल, 12 कारतूस, मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा भारी मात्रा में प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित दस्तावेज और पुस्तकें बरामद हुईं। बरामद सामग्री से उनके आतंकवादी नेटवर्क से संबंधों की पुष्टि हुई है।
एटीएस ने दर्ज किया आपराधिक मामला
इस पूरे प्रकरण में एटीएस, रांची ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया है और आगे की गहन जांच की जा रही है। एजेंसी आरोपियों के सोशल नेटवर्क, फंडिंग सोर्स और अन्य संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।
HuT पर प्रतिबंध और इस कार्रवाई का महत्व
गौरतलब है कि, भारत सरकार ने HuT संगठन को विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत 10 अक्टूबर 2024 को प्रतिबंधित कर दिया था। HuT के प्रतिबंधित होने के बाद देश में यह पहला मामला है जिसमें इस संगठन के नेटवर्क के खिलाफ सीधी कार्रवाई हुई है।
