मुख्य बिंदु-
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पलामू में 40,000 करोड़ रुपये का सट्टा नेटवर्क उजागर
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झारखंड में महादेव ऐप की तर्ज पर बढ़ रहा ऑनलाइन-ऑफलाइन सट्टा
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अपराध के नए हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहा पलामू
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भाजपा ने हेमंत सरकार पर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया
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युवाओं को बेरोजगारी के कारण सट्टेबाजी की ओर धकेले जाने की आशंका
पलामू में महादेव ऐप जैसी सट्टेबाजी की नई परत खुली
रांची- छत्तीसगढ़ के कुख्यात महादेव सट्टा ऐप की तर्ज पर अब झारखंड में भी युवाओं को तेजी से सट्टेबाजी की ओर खींचे जाने की आशंका गहराने लगी है। इसी क्रम में, पलामू जिले में 40,000 करोड़ रुपये के बड़े सट्टा बाजार नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। यह खुलासा न केवल अपराध के बढ़ते स्वरूप को उजागर करता है, बल्कि प्रशासनिक सख्ती पर भी सवाल खड़े करता है।
पलामू बना अपराध का नया केंद्र, अपराधों की लंबी फेहरिस्त
दरअसल, पलामू पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के नए आपराधिक केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। यहाँ पहले ही कोयला तस्करी, साँप के ज़हर की अवैध तस्करी और कई भूमिगत नेटवर्क सक्रिय रहे हैं। अब इस बड़े सट्टा रैकेट के खुलासे ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही अपराध का दायरा और भी विशाल होता दिखाई दे रहा है।
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बेरोज़गारी के चलते युवा फंस रहे जुए-सट्टे के जाल में
इसके अतिरिक्त, बेरोज़गारी झारखंड में एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक संकट बनकर उभरा है। इसी कारण युवा आर्थिक आकर्षण के लालच में जल्द पैसे कमाने की होड़ में ऐसे अवैध नेटवर्क की ओर झुकते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप, न केवल वे गलत रास्तों पर फंस रहे हैं बल्कि नशे, जुए और अपराध की ओर उनका झुकाव बढ़ता जा रहा है।
विपक्ष का सरकार पर आरोप: “हेमंत सरकार संरक्षण दे रही है”
उधर, इस मामले ने राजनीतिक माहौल भी गरमा दिया है। भाजपा और आजसू ने आरोप लगाया है कि हेमंत सरकार के संरक्षण में राज्य में अवैध लॉटरी, ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के नेटवर्क को बढ़ावा मिल रहा है। विपक्ष का दावा है कि सरकार की उदासीनता से अपराधियों को खुली छूट मिल गई है, जिससे ऐसे नेटवर्क तेजी से पनप रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि नशीली दवाओं की बिक्री, सट्टेबाजी और अवैध लॉटरी के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि युवाओं को नशे और जुए की लत से बचाया जा सके।
सरकार पर बढ़ता दबाव, कड़ी कार्रवाई की मांग तेज
इस बीच, जैसे-जैसे यह मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बनता जा रहा है, वैसे-वैसे हेमंत सरकार पर भी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि, अब तक राज्य सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रशासन से त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
