DMFT फंड के दुरुपयोग पर केंद्र के संज्ञान का स्वागत, बाबूलाल मरांडी का सरकार पर तीखा हमला
रांची- झारखंड में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड की कथित लूट और दुरुपयोग को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में फैले भ्रष्टाचार पर अब संज्ञान लिया जाना बेहद जरूरी था।
खनन क्षेत्रों की जनता प्रदूषण से जूझ रही, सुविधाएं अफसरों के लिए
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खनन प्रभावित इलाकों में रहने वाली गरीब जनता आज भी धूल और प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर है। लोगों के फेफड़े खराब हो रहे हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, लेकिन दूसरी ओर DMFT फंड का उपयोग आम जनता के बजाय अधिकारियों की ऐशो-आराम पर किया जा रहा है।
डीसी पर बंगले सजाने और जिम बनाने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संरक्षण में कई जिलों के उपायुक्त (DC) DMFT फंड से अपने सरकारी बंगलों को चमका रहे हैं। कहीं डाक बंगला बनाया जा रहा है तो कहीं जिम बनाकर फिटनेस मेंटेन की जा रही है, जो पूरी तरह से DMFT के उद्देश्य के खिलाफ है।
पर्याप्त वेतन के बावजूद DMFT का दुरुपयोग अपराध
बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट कहा कि सरकार उपायुक्तों को पहले से ही पर्याप्त वेतन और सुविधाएं देती है। ऐसे में बंगले को सजाने-संवारने या निजी सुविधाओं के लिए DMFT फंड का इस्तेमाल करना न सिर्फ अनैतिक बल्कि सीधा अपराध है।
पाई-पाई का हिसाब और सजा की मांग
उन्होंने कहा कि DMFT फंड का दुरुपयोग करने वाले मुख्यमंत्री और सभी जिम्मेदार अधिकारियों को पाई-पाई का हिसाब देना होगा। दोषियों को भ्रष्टाचार की सजा भुगतनी पड़ेगी और जनता के अधिकारों के साथ हुए इस खिलवाड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
