बाबा दुखिया मंदिर झारखंड की अमूल्य धरोहर, कर्मधाम मेला आस्था और भाईचारे का प्रतीक: डॉ. इरफान अंसारी
जामताड़ा। मकर संक्रांति के अवसर पर जामताड़ा विधायक एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी कर्मधाम मेले में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाबा दुखिया मंदिर में दर्शन-पूजन कर झारखंड, जामताड़ा और पूरे देश में अमन, शांति और सौहार्द की कामना की।

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि बाबा दुखिया मंदिर झारखंड की अमूल्य धरोहर है और यह न केवल जामताड़ा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और पहचान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि कर्मधाम मेला केवल एक पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, विश्वास और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
वर्षों पुराना है बाबा दुखिया से जुड़ाव
डॉ. अंसारी ने बताया कि बाबा दुखिया मंदिर से उनका जुड़ाव वर्षों पुराना है। विधायक बनने से पहले भी वे श्रद्धा के साथ यहां आते रहे हैं और मंत्री बनने के बाद भी उसी आस्था और विश्वास के साथ बाबा के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के ये केंद्र समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
क्षेत्रीय विकास को लेकर योजनाओं का संकेत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कर्मधाम और आसपास के क्षेत्र के विकास को लेकर कई योजनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हेरिटेज कॉटेज सहित अन्य विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
भाईचारा ही झारखंड की पहचान
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि भाईचारा, प्रेम और सौहार्द ही झारखंड की असली पहचान है। इसे हर हाल में बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी सद्भाव और एकता और मजबूत होगी।
